चार राज्यों के किसानों को मिलेगा लाभ
केंद्र सरकार के इस फैसले का फायदा उत्तर प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु और हरियाणा के किसानों को मिलेगा। इन राज्यों में मूंग, उड़द और मूंगफली जैसी फसलों की सरकारी खरीद की जाएगी। सरकार का मानना है कि MSP पर खरीद होने से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और वे मजबूरी में कम कीमत पर फसल बेचने से बच सकेंगे।
उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत
उत्तर प्रदेश में दाल और तिलहन की खेती करने वाले किसानों को इस फैसले से बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। राज्य में ग्रीष्मकालीन सीजन 2026 के लिए 48,298 मीट्रिक टन मूंग, 97,970 मीट्रिक टन उड़द, 41,718 मीट्रिक टन मूंगफली की खरीद को मंजूरी दी गई है। इन फसलों की MSP के आधार पर कुल कीमत करीब 1,490 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। इससे बड़ी संख्या में किसानों को सीधा आर्थिक फायदा मिल सकता है।
गुजरात के किसानों को भी मिलेगा फायदा
गुजरात में भी मूंग उत्पादक किसानों के लिए राहत की खबर है। यहां ग्रीष्मकालीन सीजन के लिए 18,250 मीट्रिक टन मूंग खरीद की मंजूरी दी गई है। MSP के हिसाब से इस खरीद का मूल्य 160 करोड़ रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है। इससे किसानों को बेहतर बाजार मूल्य मिलने में मदद मिलेगी।
तमिलनाडु में बढ़ाई गई खरीद सीमा
तमिलनाडु के किसानों को भी सरकार के इस फैसले से फायदा मिलेगा। राज्य में मूंग की खरीद सीमा को बढ़ाने का फैसला लिया गया है। पहले तय सीमा को बढ़ाकर ज्यादा किसानों को MSP व्यवस्था से जोड़ने की कोशिश की गई है। इससे किसानों को अपनी फसल का सही मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी।
हरियाणा के किसानों को भी राहत
हरियाणा में भी मूंग की सरकारी खरीद को मंजूरी दी गई है। राज्य में ग्रीष्मकालीन सीजन 2026 के लिए 2,115 मीट्रिक टन मूंग खरीद का फैसला लिया गया है। इस खरीद का MSP मूल्य 18 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। इससे दलहन उत्पादन करने वाले किसानों को लाभ मिल सकता है।
किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कदम
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, MSP पर सरकारी खरीद किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा देती है। इससे किसान दाल और तिलहन जैसी फसलों की खेती के लिए अधिक प्रोत्साहित हो सकते हैं। सरकार का उद्देश्य देश में दलहन और तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देना, किसानों की आमदनी मजबूत करना और कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाना है।

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