पीएम मोदी ने फ्रांस दौरे के दौरान पेरिस में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए इस परियोजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस की साझेदारी लगातार नए क्षेत्रों में आगे बढ़ रही है और अंतरिक्ष सहयोग इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
जल और खाद्य सुरक्षा में मदद करेगा मिशन
‘तृष्णा’ सैटेलाइट मिशन को पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की निगरानी के लिए अहम माना जा रहा है। इसके जरिए धरती पर पानी की उपलब्धता, खेती से जुड़ी जानकारी और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को समझने में सहायता मिल सकती है। इस मिशन से वैज्ञानिकों को बेहतर डेटा मिलने की उम्मीद है, जिससे भविष्य की योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी।
भारत-फ्रांस साझेदारी को नई मजबूती
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और फ्रांस के रिश्ते केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भरोसे और तकनीकी सहयोग पर आधारित हैं। दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में लगातार सहयोग बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि एआई समिट और तकनीकी कार्यक्रमों ने भी दोनों देशों के बीच साझेदारी को और मजबूत किया है।
भारत की बढ़ती तकनीकी ताकत
पीएम मोदी ने भारत की डीप-टेक और डिजिटल क्षमताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाल के तकनीकी आयोजनों में भारतीय स्टार्टअप्स की भागीदारी ने दुनिया के सामने देश की क्षमता को दिखाया है।
अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की नई पहचान
‘तृष्णा’ सैटेलाइट मिशन भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और संसाधन प्रबंधन में भी मदद मिलने की उम्मीद है। भारत और फ्रांस की यह संयुक्त पहल आने वाले समय में अंतरिक्ष क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग को नई दिशा दे सकती है।

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