यूपी में इन कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई, आदेश हुआ जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मानव संपदा पोर्टल पर चल-अचल संपत्ति का विवरण जमा नहीं करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ अब विभागीय कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। शासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले कर्मचारियों को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

चार महीने से नहीं मिला वेतन

कार्मिक विभाग के निर्देश के बाद सभी राज्य कर्मचारियों को अपनी चल और अचल संपत्ति की जानकारी मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करनी थी। लेकिन तय समय सीमा बीतने के बाद भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने यह काम पूरा नहीं किया। इसके चलते कई कर्मचारियों का वेतन मार्च महीने से रोक दिया गया। अब विभाग की ओर से कहा गया है कि पहले कर्मचारियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी की जाए, इसके बाद ही वेतन जारी करने पर फैसला होगा।

विभागाध्यक्षों को दिए गए निर्देश

कार्मिक विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों को जिम्मेदारी दी है कि वे अपने-अपने विभाग में ऐसे कर्मचारियों की जानकारी जुटाएं और नियमों के अनुसार कार्रवाई करें। कार्रवाई की रिपोर्ट शासन को भेजने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, इस सूची में सबसे ज्यादा संख्या समूह ग और समूह घ के कर्मचारियों की बताई जा रही है।

पहले भी दिया गया था मौका

राज्य सरकार ने कर्मचारियों को संपत्ति का विवरण देने के लिए 31 जनवरी 2026 तक समय दिया था। इसके बाद भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने जानकारी दर्ज नहीं की। सरकार ने कर्मचारियों को एक और मौका देते हुए 10 मार्च 2026 तक अंतिम समय सीमा बढ़ाई थी, लेकिन इसके बावजूद कई कर्मचारियों ने पोर्टल पर विवरण जमा नहीं किया।

इन मामलों में हो सकती है कार्रवाई

संपत्ति का विवरण नहीं देने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा नियमों के तहत कई सुविधाओं पर भी असर पड़ सकता है।

संभावित कार्रवाई में:

विभागीय जांच शुरू होना

पदोन्नति पर रोक लगना

एसीपी (Assured Career Progression) का लाभ नहीं मिलना

विदेश यात्रा या प्रतिनियुक्ति के लिए जरूरी विजिलेंस क्लियरेंस में परेशानी होना शामिल है।

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