मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही इस योजना का लाभ अलग-अलग वर्गों के पात्र परिवारों को दिया जा रहा है। इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी, सामान्य और अल्पसंख्यक समुदाय के जरूरतमंद परिवार शामिल हैं।
9 साल में लाखों बेटियों की शादी में मदद
सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले नौ वर्षों में इस योजना के तहत प्रदेश में 5 लाख 54 हजार से ज्यादा गरीब बेटियों के विवाह कराए जा चुके हैं। वहीं ओबीसी वर्ग के भी बड़ी संख्या में परिवारों को इसका लाभ मिला है। पिछले नौ वर्षों में इस वर्ग के 1 लाख 80 हजार से अधिक जोड़ों की शादी योजना के तहत कराई गई है।
शादी के लिए सरकार दे रही 1 लाख रुपये
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सरकार अब प्रत्येक जोड़े पर करीब 1 लाख रुपये खर्च कर रही है। 60 हजार रुपये सीधे दुल्हन के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजे जाते हैं। 25 हजार रुपये तक का घरेलू सामान और उपहार दिए जाते हैं। 15 हजार रुपये विवाह कार्यक्रम की व्यवस्थाओं पर खर्च किए जाते हैं। इससे गरीब परिवारों पर शादी का आर्थिक बोझ कम हो रहा है।
प्रदेश में कौन ले सकता है इस योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ लेने के लिए परिवार को सरकार द्वारा तय पात्रता मानकों को पूरा करना होता है। पात्र परिवार आवेदन के बाद सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने पर योजना से जुड़ सकते हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना यूपी में जरूरतमंद परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सरकारी पहल बनकर सामने आई है, जिससे हजारों बेटियों के विवाह में सहायता मिल रही है।
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