सिर्फ 10% निवेश में शुरू कर सकेंगी काम
इस योजना के तहत सरकार पशुपालन यूनिट लगाने के लिए 90 प्रतिशत तक आर्थिक सहायता देती है। यानी अगर किसी काम की कुल लागत 100 रुपये है तो लाभार्थी को केवल 10 रुपये लगाने होंगे और बाकी राशि सरकार की मदद के रूप में दे सकती है। इस पहल का उद्देश्य गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
बकरी और भेड़ पालन पर मिलेगा फायदा
राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत बकरी और भेड़ पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को यूनिट स्थापित करने में सहायता दी जाती है। उदाहरण के तौर पर अगर 10 मादा और 1 नर बकरी या भेड़ की यूनिट की लागत करीब 66 हजार रुपये आती है, तो इसमें लगभग 59,400 रुपये तक की सहायता मिल सकती है। वहीं लाभार्थी को करीब 6,600 रुपये का योगदान करना होगा।
सुअर पालन के लिए भी आर्थिक सहायता
सरकार सुअर पालन को भी रोजगार के बेहतर विकल्प के रूप में बढ़ावा दे रही है। इसके तहत 1 नर और 3 मादा सुअर की यूनिट या इससे अधिक यूनिट स्थापित करने वालों को सहायता दी जाती है। कुछ राज्यों में सुअर पालन यूनिट की लागत के आधार पर अनुदान तय किया जाता है। लाभार्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार सब्सिडी का लाभ दिया जाता है।
किन महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ?
यह योजना खासतौर पर ग्रामीण महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों (SHG) और कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए उपयोगी है। महिलाएं इस योजना का लाभ व्यक्तिगत रूप से या समूह बनाकर भी ले सकती हैं। योजना के जरिए महिलाएं पशुपालन शुरू कर अपनी आय का नया जरिया बना सकती हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर कर सकती हैं।
कैसे करें आवेदन?
इच्छुक महिलाएं अपने क्षेत्र के पशु चिकित्सा अधिकारी या जिला पशुपालन विभाग से संपर्क कर सकती हैं। वहां से योजना की जानकारी और आवेदन प्रक्रिया के बारे में सहायता मिल जाएगी। इसके अलावा राष्ट्रीय पशुधन मिशन के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है। आवेदन जमा होने के बाद संबंधित विभाग और राज्य एजेंसी द्वारा जांच की जाती है। पात्र पाए जाने पर बैंक प्रक्रिया और मंजूरी के बाद सब्सिडी का लाभ दिया जाता है।

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