शिक्षक दंपत्तियों के ट्रांसफर पर क्या है नियम?
विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अगर पति-पत्नी दोनों परिषदीय स्कूलों में शिक्षक हैं और इनमें से कोई एक तबादले के लिए आवेदन करता है, तो संबंधित जिले में छात्र-शिक्षक अनुपात को ध्यान में रखा जाएगा। यदि किसी जिले में शिक्षकों की संख्या पहले से अधिक है और छात्र-शिक्षक अनुपात कम है, तो वहां स्थानांतरण को लेकर नियमों के अनुसार फैसला लिया जाएगा।
शिक्षकों ने उठाई स्पष्टता की मांग
कई शिक्षकों का कहना है कि आदेश में यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि ऐसी स्थिति में पति-पत्नी दोनों का स्थानांतरण होगा या दोनों में से केवल किसी एक का। इसी बिंदु को लेकर शिक्षकों के बीच चर्चा चल रही है और वे विभाग से स्थिति साफ करने की उम्मीद कर रहे हैं।
20 जून तक मांगे गए थे आवेदन
परिषदीय शिक्षकों के अंतर्जनपदीय तबादलों के लिए आवेदन प्रक्रिया को लेकर विभाग ने पहले ही निर्देश जारी कर दिए थे। शिक्षकों को तय प्रारूप में आवेदन पूरा कर संबंधित अधिकारियों के माध्यम से भेजने के निर्देश दिए गए थे। सभी आवेदन पत्रों की अलग-अलग फाइल तैयार कर समय सीमा के अंदर भेजने को कहा गया था।
तबादला में छात्र-शिक्षक अनुपात
इस बार शिक्षक स्थानांतरण नीति में छात्र और शिक्षकों के अनुपात को खास महत्व दिया गया है। इसका उद्देश्य उन स्कूलों और जिलों में शिक्षकों की उपलब्धता बनाए रखना है जहां जरूरत ज्यादा है। विभाग की कोशिश है कि स्कूलों में शिक्षकों का संतुलन बेहतर हो और पढ़ाई व्यवस्था प्रभावित न हो।
विद्यालय प्रबंध समिति में अपडेट
माध्यमिक स्कूलों में विद्यालय प्रबंध समितियों के गठन की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। समिति में अभिभावकों की भूमिका बढ़ाई जाएगी। समिति का कार्यकाल तय अवधि का होगा और स्कूल प्रबंधन से जुड़े कार्यों में इसकी भागीदारी रहेगी।
0 comments:
Post a Comment