बिहारवासियों के लिए 5 बड़े अपडेट! सभी शहरों में होंगे लागू

पटना। बिहार के शहरी इलाकों में अब मकान और भवन निर्माण को लेकर नियम और सख्त होने जा रहे हैं। नगर विकास एवं आवास विभाग ने भवन निर्माण उपविधि के नए ड्राफ्ट में घरों के कमरों, रसोई, बाथरूम और अन्य हिस्सों के लिए न्यूनतम मानक तय किए हैं। नए नियम लागू होने के बाद बिल्डर और आम लोगों को निर्माण के दौरान इन मानकों का पालन करना जरूरी होगा।

घर के कमरों से लेकर रसोई तक का तय होगा आकार

नई भवन निर्माण व्यवस्था के तहत मकान में बनने वाले कमरों की न्यूनतम ऊंचाई और क्षेत्रफल निर्धारित किया गया है। ड्राफ्ट के अनुसार कमरे का क्षेत्रफल कम से कम 9 वर्गमीटर होना चाहिए। इसकी चौड़ाई करीब 2.4 मीटर और ऊंचाई 2.75 मीटर तय की गई है। वहीं रसोई के लिए भी न्यूनतम मानक तय किए गए हैं। रसोई का क्षेत्रफल कम से कम 4.5 वर्गमीटर, चौड़ाई 1.8 मीटर और ऊंचाई 2.75 मीटर रखने का प्रस्ताव है।

बाथरूम और शौचालय के लिए भी नियम

नए नियमों में बाथरूम और शौचालय के आकार को लेकर भी स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। बाथरूम का क्षेत्रफल कम से कम 1.8 वर्गमीटर और ऊंचाई 2.2 मीटर रखने की बात कही गई है। वहीं शौचालय के लिए न्यूनतम 1.2 वर्गमीटर क्षेत्रफल और 0.9 मीटर चौड़ाई तय की गई है। इसके अलावा भवन की ऊंचाई, प्लिंथ और छत की मुंडेर से जुड़े मानक भी निर्धारित किए गए हैं।

नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

वर्तमान में कई जगहों पर देखा जाता है कि भवन निर्माण के दौरान तय मानकों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। कुछ बिल्डर ज्यादा मंजिल बनाने के लिए कम ऊंचाई वाले कमरे बना देते हैं, जिससे रहने वालों को परेशानी होती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे निर्माण पर रोक लगने की उम्मीद है। नियमों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों और निर्माणकर्ताओं पर कार्रवाई की जा सकती है।

जमीन के कागजात भी अब ऑनलाइन

बिहार में जमीन से जुड़े दस्तावेजों को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब राजस्व अभिलेखों की कॉपी ऑफलाइन तरीके से नहीं मिलेगी। सभी दस्तावेज डिजिटल हस्ताक्षर के साथ ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही जारी किए जाएंगे। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।

ऑफलाइन दस्तावेज जारी करने पर कार्रवाई

विभाग ने साफ किया है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी जमीन से जुड़े रिकॉर्ड ऑफलाइन जारी करता है तो उसके खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी। अब जमीन के रिकॉर्ड जैसे अभिलेखों की प्रमाणित कॉपी ऑनलाइन माध्यम से ही उपलब्ध होगी। इसके लिए लोगों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

0 comments:

Post a Comment