सरकार ने विपणन वर्ष 2026-27 के तहत चल रही जायद दलहन खरीद की अंतिम तारीख को आगे बढ़ा दिया है। पहले जहां खरीद प्रक्रिया 15 जून तक चलनी थी, वहीं अब इसे बढ़ाकर 30 जून 2026 तक कर दिया गया है।
किसानों को ज्यादा समय
समय सीमा बढ़ने से उन किसानों को फायदा मिलेगा जो किसी कारण से अपनी फसल समय पर सरकारी केंद्रों तक नहीं पहुंचा पाए थे। अब उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए अतिरिक्त अवसर मिलेगा। इसके साथ ही सरकार ने उड़द, मूंग और मूंगफली जैसी फसलों की खरीद को भी मंजूरी दे दी है। इससे दलहन उत्पादक किसानों को बाजार में बेहतर विकल्प मिलने की उम्मीद है।
313 केंद्रों पर हो रही खरीद
प्रदेश में किसानों से फसल खरीद के लिए बड़े स्तर पर व्यवस्था की गई है। दो केंद्रीय एजेंसियों और पांच राज्य स्तरीय एजेंसियों के माध्यम से 313 खरीद केंद्रों पर प्रक्रिया चल रही है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके और उन्हें कम कीमत पर फसल बेचने के लिए मजबूर न होना पड़े।
अब तक हजारों टन फसल की खरीद
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 5 जून तक प्रदेश में बड़ी मात्रा में दलहन की खरीद पूरी हो चुकी है। अब तक: करीब 47,793 टन मसूर की खरीद हुई है। लगभग 4,791 टन अरहर खरीदी गई है। करीब 1,214 टन चना की खरीद की गई है। इस प्रक्रिया से अब तक 14,332 किसानों को लाभ मिला है।
उड़द, मूंग और मूंगफली की भी होगी खरीद
किसानों की मांग को देखते हुए केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए अतिरिक्त खरीद की मंजूरी दी है। इसके तहत: 97,770 टन उड़द, 48,298 टन मूंग, 41,718 टन मूंगफली की खरीद को स्वीकृति दी गई है। दलहन फसलों की सरकारी खरीद बढ़ने से किसानों को अपनी मेहनत का सही मूल्य मिलने की संभावना बढ़ती है। सरकार का उद्देश्य किसानों को मजबूत करना और कृषि क्षेत्र में आय के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

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