राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शिक्षकों को तकनीकी प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है। इसके तहत 900 शिक्षकों को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के माध्यम से डिजिटल लिटरेसी, कंप्यूटेशनल थिंकिंग, कोडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स की ट्रेनिंग दी जाएगी।
900 शिक्षकों को मिलेगा आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को नई तकनीकों की बेहतर समझ देना है, ताकि वे स्कूलों में छात्रों को इन विषयों से आसानी से परिचित करा सकें। ट्रेनिंग के दौरान शिक्षकों को सिर्फ थ्योरी नहीं बल्कि AI, कोडिंग और रोबोटिक्स के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी भी दी जाएगी। इस कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा विभाग के 750 शिक्षक, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) के 140 प्रवक्ता और SCERT की अलग-अलग इकाइयों के 10 प्रवक्ता शामिल होंगे।
पहले भी हजारों शिक्षकों को दी जा चुकी है ट्रेनिंग
SCERT की ओर से तैयार किए गए विशेष मॉड्यूल के जरिए उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विज्ञान विषय के करीब 45 हजार शिक्षकों का क्षमता विकास किया जा चुका है। इसके अलावा वर्ष 2025-26 में IIT कानपुर की मदद से 756 शिक्षकों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया था। अब नए चरण में 900 और शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद स्कूलों में तकनीकी शिक्षा को और मजबूत तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी।
छात्रों को मिलेगा भविष्य की पढ़ाई का अनुभव
AI और रोबोटिक्स जैसी तकनीकें आज दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में स्कूल स्तर से ही छात्रों को इन क्षेत्रों की जानकारी देना उन्हें भविष्य की नौकरियों और नए अवसरों के लिए तैयार कर सकता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद छात्रों में समस्या समाधान की क्षमता, तार्किक सोच और डिजिटल समझ को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

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