इसके तहत संबंधित जिलों में सामाजिक प्रभाव आकलन (SIA) अध्ययन कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य इन नई टाउनशिप के माध्यम से योजनाबद्ध शहरी विस्तार, बेहतर नागरिक सुविधाएं, निवेश और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है।
जिलाधिकारियों को जारी हुए निर्देश
नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव ने पटना, मुजफ्फरपुर, सारण और गया के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि भूमि अधिग्रहण शुरू करने से पहले सामाजिक प्रभाव आकलन की प्रक्रिया जल्द प्रारंभ कराई जाए। यह अध्ययन भूमि अर्जन से प्रभावित होने वाले परिवारों, उनकी आजीविका, सामाजिक ढांचे और स्थानीय संसाधनों पर पड़ने वाले प्रभाव का विस्तृत मूल्यांकन करेगा। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
चार प्रमुख शहरों में विकसित होंगी नई टाउनशिप
सरकार जिन चार परियोजनाओं पर काम कर रही है, उनमें शामिल हैं:
पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप - पटना
तिरहुत सेटेलाइट टाउनशिप - मुजफ्फरपुर
हरिहरनाथपुर सेटेलाइट टाउनशिप - सोनपुर (सारण)
मगध ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप - गया
इन सभी परियोजनाओं का उद्देश्य तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों पर दबाव कम करना और आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्र विकसित करना है।
हजारों एकड़ भूमि पर बनेगी परियोजना
सरकारी योजना के अनुसार, पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप का कोर क्षेत्र लगभग 3008 एकड़ में विकसित किया जाएगा। वहीं हरिहरनाथपुर का कोर क्षेत्र करीब 2000 एकड़, मगध ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप लगभग 1629 एकड़ और तिरहुत सेटेलाइट टाउनशिप करीब 1191 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित है। पहले चरण में इन परियोजनाओं के कोर क्षेत्र के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
आधुनिक सुविधाओं के साथ विकास
राज्य सरकार की योजना है कि नई टाउनशिप में बेहतर सड़क नेटवर्क, आवासीय क्षेत्र, व्यावसायिक परिसर, सार्वजनिक सुविधाएं, हरित क्षेत्र और आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचा विकसित किया जाए। भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त भूमि के लिए अलग प्रस्ताव भी तैयार किया जाएगा।
रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इन टाउनशिप के विकसित होने से नए औद्योगिक, व्यावसायिक और सेवा क्षेत्र विकसित होंगे। इससे निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही शहरी आबादी के बढ़ते दबाव को संतुलित करने में भी मदद मिलेगी।
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