OBC अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत अर्हता अंक में छूट देने की सिफारिश
आयोग ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2018 की इस भर्ती में OBC वर्ग के अभ्यर्थियों को अर्हता अंक में 5 प्रतिशत की छूट मिलनी चाहिए। आयोग के अनुसार यदि किसी OBC अभ्यर्थी ने 150 अंकों की परीक्षा में 60 अंक (40 प्रतिशत) प्राप्त किए हैं, तो उन्हें योग्य मानते हुए संशोधित सूची तैयार की जानी चाहिए। यह निर्णय आयोग की 16 जून को आयोजित बैठक में लिया गया, जिसमें पहले जारी की गई सिफारिश को दोबारा समर्थन दिया गया।
नियमों और आरक्षण व्यवस्था का दिया हवाला
आयोग का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की अधिसूचना तथा उत्तर प्रदेश की आरक्षण व्यवस्था के तहत OBC वर्ग को अर्हता में निर्धारित छूट देना पूरी तरह नियमों के अनुरूप है। आयोग ने यह भी उल्लेख किया कि राज्य की 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती, जूनियर (एडेड) सहायक शिक्षक भर्ती और सहायक शिक्षक भर्ती-2021 में भी OBC अभ्यर्थियों को इसी प्रकार की छूट दी जा चुकी है।
समान अवसर के अधिकार का उठाया मुद्दा
आयोग का मानना है कि जब अन्य शिक्षक भर्ती प्रक्रियाओं में OBC वर्ग को यह लाभ दिया गया है, तब केवल 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती-2018 में इस सुविधा से वंचित रखना समानता के सिद्धांत के अनुरूप नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर आयोग ने विभाग से संशोधित परिणाम तैयार करने और पात्र अभ्यर्थियों की सूची उपलब्ध कराने की सिफारिश की है।
विभागीय कार्रवाई की भी अनुशंसा
आयोग ने यह भी कहा है कि उसकी पूर्व सिफारिशों पर समयबद्ध कार्रवाई न होने के कारण पूरे मामले की समीक्षा की जानी चाहिए। यदि किसी स्तर पर आरक्षण संबंधी प्रावधानों का पालन नहीं किया गया है, तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर विभागीय कार्रवाई पर भी विचार किया जाए।
अभ्यर्थियों को नियुक्ति का इंतजार
इस निर्णय के बाद भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अभ्यर्थियों में उम्मीद बढ़ी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि आयोग की सिफारिशों के अनुरूप संशोधित परिणाम जारी किया जाता है, तो बड़ी संख्या में पात्र उम्मीदवारों को नियुक्ति का अवसर मिल सकता है। अब सभी की नजर राज्य सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग के अगले कदम पर टिकी हुई है। हालांकि अंतिम निर्णय और नियुक्ति प्रक्रिया सरकार एवं संबंधित विभाग द्वारा जारी आदेशों के बाद ही लागू होगी।

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