1. जीविका दीदियों को राहत: लोन सस्ता, वेतन दुगुना
आपको बता दें की 21 जून को मुख्यमंत्री ने जीविका परियोजना से जुड़ी दो अहम घोषणाएं कीं—एक, 3 लाख से अधिक के लोन पर ब्याज दर को 10% से घटाकर 7% कर दिया गया। दूसरा, जीविका कर्मचारियों की सैलरी को दोगुना कर दिया गया। अब गांव स्तर के कार्यकर्ताओं को 25 हजार और ब्लॉक स्तर वालों को 50 हजार रुपए प्रति माह मिलेंगे।
2. सरकारी नौकरी में महिलाओं को आरक्षण
8 जुलाई को सरकार ने 35% महिला आरक्षण में डोमिसाइल नीति लागू कर दी। यानी अब सिर्फ बिहार की मूल निवासी महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा। बाहर की महिलाएं सामान्य श्रेणी में ही मानी जाएंगी। इस फैसले से सरकार ने ‘बिहारी बेटियों’ को प्राथमिकता देने का संदेश दिया है।
3. आशा-ममता कार्यकर्ताओं को बढ़ा मानदेय
30 जुलाई को सरकार ने ‘आशा’ कार्यकर्ताओं का मानदेय 1000 से बढ़ाकर 3000 रुपए और ‘ममता’ को प्रति डिलीवरी 600 रुपए करने की घोषणा की। राज्य में 95,000 से ज्यादा आशा और 4600 ममता कार्यकर्ता सक्रिय हैं। स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली ये महिलाएं सीधे घर-घर तक पहुंच रखती हैं। उनका समर्थन हासिल कर सरकार अपने पक्ष में एक ‘मोबाइल प्रचार तंत्र’ तैयार करना चाहती है।
4. सामाजिक सुरक्षा पेंशन में तीन गुना बढ़ोतरी
पेंशन योजना के तहत अब विधवाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगों को 400 की बजाय 1100 रुपए प्रतिमाह मिलेंगे। यह रकम हर महीने की 10 तारीख को खाते में आएगी। इस योजना से करीब 1.09 करोड़ लाभार्थी जुड़े हुए हैं। इस फैसले से सरकार न सिर्फ महिलाओं बल्कि वरिष्ठ नागरिकों का विश्वास भी फिर से जीतने की कोशिश कर रही है।

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