बिहार के किसानों के लिए खुशखबरी, 15 जनवरी तक आवेदन

पटना। बिहार सरकार का उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को मखाना खेती से जोड़ना और कम लागत में बेहतर मुनाफा सुनिश्चित करना है। इस दिशा में उन्नत बीज, तकनीकी मदद और सब्सिडी जैसी सुविधाओं के जरिए खेती को आसान और लाभकारी बनाया जा रहा है। इच्छुक किसान सब्सिडी के लिए ऑनलाइन के द्वारा आवेदन कर सकते हैं।

योजना से लाभान्वित होने वाले जिले

बिहार के 16 जिले इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इन जिलों में कटिहार, पूर्णिया, दरभंगा, मधुबनी, किशनगंज, सुपौल, अररिया, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, समस्तीपुर, भागलपुर, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण और मुजफ्फरपुर शामिल हैं।

मखाना खेती के लिए यह योजना

बिहार कृषि विभाग ने मखाना खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना शुरू की है। इस योजना के तहत इच्छुक किसान 15 जनवरी तक बिहार कृषि ऐप या उद्यान निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए जरूरी है कि किसान पहले से विभागीय डीबीटी पोर्टल पर रजिस्टर्ड हों।

लागत और सब्सिडी की जानकारी

मखाना खेती की कुल यूनिट लागत प्रति हेक्टेयर 97,000 रुपये तय की गई है, जिसमें बीज, खेती के लिए जरूरी इनपुट और हार्वेस्टिंग शामिल है। योजना के पहले वर्ष में सरकार प्रति हेक्टेयर 36,375 रुपये की सब्सिडी प्रदान करेगी। बीज की लागत सीधे आपूर्तिकर्ता को दी जाएगी, जबकि शेष राशि पौध रोपण के बाद किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।

लाभ लेने के लिए आवश्यक जमीन

इस योजना का लाभ उन किसानों को मिलेगा जिनके पास न्यूनतम 0.25 एकड़ (0.1 हेक्टेयर) और अधिकतम 5 एकड़ (2 हेक्टेयर) भूमि हो। इससे छोटे और मध्यम किसानों दोनों को योजना का फायदा मिलेगा।

उन्नत बीजों पर मिलेगी मदद

सरकार स्वर्ण वैदेही और सबौर मखाना-1 जैसी उन्नत किस्मों के बीजों के उत्पादन और वितरण पर भी मदद दे रही है। इस योजना के तहत किसानों को बीज पर अधिकतम 225 रुपये प्रति किलो तक की सहायता प्राप्त होगी। यदि बीज की कीमत इससे अधिक होगी, तो अतिरिक्त राशि किसानों को स्वयं चुकानी होगी।

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