यह कदम ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ के तहत उठाया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इसका उद्देश्य केवल नीतियों की घोषणा करना नहीं बल्कि प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को कम करना है।
समस्या और समाधान
मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि अक्सर लोग अपनी समस्याओं का समाधान कराने सरकारी कार्यालयों का रुख करते हैं, लेकिन अधिकारी के अनुपस्थित रहने के कारण निराश होकर लौट जाते हैं। इस चुनौती को देखते हुए सरकार ने स्पष्ट रूप से यह तय किया है कि निर्धारित दिनों में अधिकारी कार्यालय में उपस्थित रहेंगे और नागरिकों से सम्मानपूर्वक मिलकर उनकी शिकायतों को सुनेंगे।
प्रक्रिया और लाभ
प्रत्येक सप्ताह सोमवार और शुक्रवार को अधिकारी सीधे नागरिकों से मिलेंगे। शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुना जाएगा और त्वरित समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। शिकायतों का रिकॉर्ड संधारित किया जाएगा और उनका निष्पादन नियमित रूप से निगरानी के अधीन होगा।
इस व्यवस्था से आम नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर कम लगाने में मदद मिलेगी और शिकायतों के समाधान की गति में तेजी आएगी। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि यह पहल जनजीवन को सरल और सुविधाजनक बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
सरकार का उद्देश्य
नीतीश कुमार ने कहा कि 20 नवंबर 2025 को नई सरकार के गठन के तुरंत बाद सात निश्चय-3 कार्यक्रम लागू किया गया, जिसका लक्ष्य बिहार को देश के सबसे विकसित राज्यों में शामिल करना है। सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ के तहत अब जनता और प्रशासन के बीच दूरी घटेगी और लोगों को नागरिक सुविधाओं का त्वरित लाभ मिलेगा।

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