2025-26 से लागू होगी नई व्यवस्था
यह योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 से लागू की जाएगी, ताकि आगामी फसल सीजन से पहले किसानों को कम लागत पर वित्तीय सहायता मिल सके। इस संबंध में कृषि विभाग, बिहार और नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक) के बीच औपचारिक समझौता किया गया है। इससे यह साफ हो गया है कि योजना को जमीनी स्तर पर लागू करने की पूरी तैयारी है।
किन ऋणों पर मिलेगा लाभ
नई व्यवस्था के तहत किसान फसल ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण और अल्पावधि कृषि उत्पादन ऋण पर 3 लाख रुपये तक केवल 1 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ उठा सकेंगे। फिलहाल किसानों को 3 प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण मिलता है, लेकिन सरकार के इस फैसले से ब्याज का बोझ सीधे तौर पर कम हो जाएगा।
समय पर भुगतान जरूरी
इस योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जो तय समय सीमा के भीतर अपने ऋण का भुगतान करेंगे। सरकार का उद्देश्य केवल सस्ता कर्ज देना ही नहीं, बल्कि किसानों में वित्तीय अनुशासन को भी बढ़ावा देना है, ताकि बैंकिंग व्यवस्था मजबूत बनी रहे और भविष्य में भी किसानों को आसानी से ऋण मिलता रहे।
छोटे किसानों के लिए खास फायदा
हस्ताक्षर समारोह के दौरान कृषि मंत्री रामकृपाल यादव और नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक गौतम कुमार ने कहा कि यह योजना विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। कम ब्याज दर पर ऋण मिलने से वे बेहतर बीज, खाद, सिंचाई और आधुनिक कृषि उपकरणों में निवेश कर सकेंगे।
कृषि उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में कदम
सरकार का मानना है कि सस्ता और सुलभ कृषि ऋण मिलने से राज्य में खेती की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों की आय में सुधार होगा। इससे न सिर्फ किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।

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