बिहार में बनेगा 26KM लंबा ग्रीनफील्ड रोड, इन जिलों को खुशखबरी

नालंदा। बिहार में सड़क और यातायात व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। नालंदा जिले में पर्यटन, व्यापार और आवागमन को आसान बनाने के लिए सड़कों का व्यापक नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इसी कड़ी में बौद्ध सर्किट को जोड़ने वाला 26 किलोमीटर से अधिक लंबा ग्रीनफील्ड फोरलेन रोड प्रस्तावित है, जिससे कई जिलों को सीधा लाभ मिलेगा।

26.66 किमी ग्रीनफील्ड फोरलेन से बदलेगा सफर

पथ निर्माण विभाग के अनुसार एनएच-82 पर सालेपुर से राजगीर तक करीब 26.66 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड फोरलेन हाईवे बनाया जाएगा। इस सड़क के बन जाने से पटना से राजगीर की यात्रा न सिर्फ कम समय में पूरी होगी, बल्कि पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित और सुगम भी हो जाएगी। यह मार्ग बौद्ध सर्किट से जुड़े पर्यटक स्थलों को मजबूती से जोड़ेगा, जिससे पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. 

रेलवे ओवरब्रिज और नई सड़कों पर जोर

बख्तियारपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के पास बन रहे टू-लेन रेलवे ओवरब्रिज को मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही राजगीर खेल परिसर से इंडो होक्के होटल तक 7.4 किलोमीटर लंबी नई सड़क बनाई जाएगी। यह सड़क कुबरी, जैतीपुर और फतेहपुर होते हुए वीरायतन (एनएच-120) से जुड़ेगी। अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के दौरान इससे ट्रैफिक दबाव कम होगा।

नूरसराय–सिलाव रोड पर पांच बाईपास

जिले की आंतरिक कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए नूरसराय से सिलाव वाया बेगमपुर तक 22.17 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण और मजबूतीकरण किया जाएगा। इस परियोजना में पांच बाईपास बनाए जाएंगे, ताकि घनी आबादी वाले इलाकों को बिना नुकसान पहुंचाए यातायात को सुचारु रखा जा सके।

नालंदा–नवादा–गया को जोड़ेगा नया मार्ग

एक और अहम परियोजना के तहत वाणगंगा (एनएच-82) से जेठियन और गहलौर होते हुए भिंडास तक की सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह रूट नालंदा, नवादा और गया जिलों को आपस में जोड़कर क्षेत्रीय आवागमन और व्यापार को नई गति देगा। वहीं, हिलसा में 7.07 किलोमीटर लंबा पूर्वी बाईपास भी बनाया जाएगा, जिसमें दो रेलवे ओवरब्रिज शामिल होंगे।

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