बिहार से गुजरेगा 6 लेन एक्सप्रेस-वे, इन जिलों की बल्ले बल्ले

पश्चिम चंपारणबिहार को जल्द ही अपना पहला सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे मिलने जा रहा है। केंद्र सरकार ने बेतिया जिले से होकर गुजरने वाली छह लेन एक्सप्रेस वे के निर्माण को अंतिम मंजूरी दे दी है। इसे गोरखपुर–सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के नाम से जाना जाएगा, कुल 550 किलोमीटर लंबा होगा और बिहार के आठ जिलों से होकर गुजरेगा। प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है और 3A के तहत एलाइनमेंट की अधिसूचना जारी कर दी गई है।

पश्चिम चंपारण पर होगा विशेष ध्यान

पश्चिम चंपारण जिले में यह एक्सप्रेस-वे बैरिया और नौतन प्रखंडों से होकर गुजरेगा, जिसमें कुल 14 मौजे शामिल हैं। स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि परियोजना शहरी इलाकों से दूर रखी गई है, जिससे भूमि विवाद कम हों और किसानों को समय पर उचित मुआवजा मिले।

कनेक्टिविटी और लाभ

यह एक्सप्रेस-वे सिर्फ पश्चिम चंपारण तक सीमित नहीं रहेगा। यह सड़क पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज जिलों से होकर गुजरेगी। कुल मिलाकर 39 प्रखंड और 313 गांव इस परियोजना से लाभान्वित होंगे। एक्सप्रेस-वे बनने से लोगों की यात्रा तेज़, सुरक्षित और आरामदायक होगी।

आर्थिक और रोजगार

विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक्सप्रेस-वे उत्तरी बिहार में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा। निर्माण कार्य के दौरान हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा और सड़क चालू होने के बाद होटल, ढाबे, ट्रांसपोर्ट, मरम्मत और अन्य व्यवसायों के जरिए स्थायी रोजगार के अवसर पैदा होंगे। कृषि उत्पादों की बड़े बाजारों तक पहुंच आसान होने से किसानों की आमदनी में भी इजाफा होने की उम्मीद है।

प्रोजेक्ट लागत और खासियत

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे के निर्माण पर लगभग 37,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। एक्सप्रेस-वे में बड़े टर्मिनल और भारी इंटरचेंज कम बनाए जाएंगे, ताकि वाहनों की गति बनी रहे और लंबी दूरी की यात्रा कम समय में पूरी हो सके।

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