सरकारी महकमों में चल रही चर्चाओं के अनुसार, 8वें वेतन आयोग में हाउस रेंट अलाउंस (HRA), मेडिकल अलाउंस और ट्रैवल अलाउंस (TA) को मौजूदा महंगाई और जरूरतों के हिसाब से नए सिरे से डिजाइन किया जा सकता है। इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स दोनों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
1. HRA: प्रतिशत घटेगा, लेकिन रकम बढ़ेगी
पहली नजर में भले ही HRA का प्रतिशत कम लगे, लेकिन बढ़ी हुई बेसिक सैलरी के कारण वास्तविक राशि पहले से कहीं ज्यादा हो सकती है। 7वें वेतन आयोग में भी यही देखने को मिला था, जहां प्रतिशत घटने के बावजूद कर्मचारियों को ज्यादा HRA मिला। 8वें वेतन आयोग में बेसिक सैलरी बढ़ने के बाद HRA की गणना नए आधार पर होगी, जिससे महानगरों और बड़े शहरों में रहने वाले कर्मचारियों को बड़ा लाभ मिल सकता है।
2. मेडिकल अलाउंस: पेंशनर्स को बड़ी राहत
मेडिकल खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। दवाइयों की कीमतें और अस्पतालों का इलाज पहले की तुलना में काफी महंगा हो चुका है। वर्तमान में पेंशनर्स को मिलने वाला फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस (FMA) ₹1000 प्रति माह है, जो कई मामलों में अपर्याप्त साबित हो रहा है। ऐसी संभावना जताई जा रही है कि 8वें वेतन आयोग में मेडिकल अलाउंस को बढ़ाया जा सकता हैं। यह उन पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत होगी, जो CGHS जैसी स्वास्थ्य योजनाओं के दायरे में नहीं आते।
3. ट्रैवल अलाउंस (TA): नई व्यवस्था संभव
ट्रैवल अलाउंस का सीधा संबंध रोजमर्रा के आवागमन से है। फिलहाल TA की राशि पर महंगाई भत्ता (DA) जुड़ता है, जिससे DA बढ़ने पर TA भी बढ़ जाता है। लेकिन 8वें वेतन आयोग में जब DA को बेसिक सैलरी में मर्ज किया जाएगा, तब TA की पुरानी DA-लिंक्ड व्यवस्था खत्म हो सकती है। इसके बाद ट्रैवल अलाउंस के लिए नई बेस रेट तय किए जाने की संभावना है। पिछले कुछ वर्षों में पेट्रोल-डीजल, बस और मेट्रो किराए में तेज बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में सरकार के लिए TA की मूल राशि बढ़ाना लगभग जरूरी हो जाएगा।
4. सैलरी और पेंशन पर कुल असर
8वें वेतन आयोग का असर केवल कागजी आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगा। बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी, HRA और TA की नई गणना, पेंशनर्स को मेडिकल अलाउंस में राहत। इन तीनों का सीधा असर कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी और पेंशन पर पड़ेगा। यानी हर महीने हाथ में आने वाली रकम में वास्तविक बढ़ोतरी महसूस की जा सकेगी।
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