प्राप्त जानकारी के अनुसार, 31 दिसंबर तक नालंदा जिले को छोड़कर राज्य के लगभग सभी जिलों में पात्र शिक्षकों को प्रखंडों का आवंटन कर दिया गया है। यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से ई-शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से संचालित की जा रही है। अब अगला चरण स्कूल आवंटन का है, जिसके लिए शिक्षा विभाग ने 10 जनवरी तक की समय सीमा तय की है।
गुरुवार को कैमूर, कटिहार, सुपौल और किशनगंज जैसे जिलों में प्रखंड आवंटन के बाद स्कूल आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे यह संकेत मिलता है कि विभाग इस पूरी प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करने के मूड में है, ताकि शिक्षक अपने नए कार्यस्थल पर समय से योगदान दे सकें।
गौरतलब है कि अंतर-जिला तबादले के लिए कुल 41,689 शिक्षकों ने आवेदन किया था। इनमें से 27,171 शिक्षकों को जिलों का आवंटन मिला, जबकि 22,928 शिक्षकों ने प्रखंड विकल्प का चयन किया था। राहत की बात यह है कि इनमें से लगभग सभी शिक्षकों को उनका प्रखंड आवंटित किया जा चुका है।
शिक्षा विभाग की इस सक्रियता से शिक्षकों में संतोष और उम्मीद दोनों देखने को मिल रही है। लंबे समय से पारिवारिक, स्वास्थ्य या अन्य कारणों से तबादले की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों को अब जल्द ही अपने नए विद्यालयों में कार्य करने का अवसर मिलेगा। माना जा रहा है कि इस प्रक्रिया के पूर्ण होने से न केवल शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि राज्य की शैक्षणिक व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

0 comments:
Post a Comment