यूपी में गन्ना किसानों के लिए बड़ा ऐलान, सभी जिलों में लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों के हित में एक अहम और संवेदनशील फैसला लिया है। अब गन्ना पर्चियां जारी करने की प्रक्रिया में सैनिकों, अर्द्धसैनिक बलों के जवानों, भूतपूर्व सैनिकों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह व्यवस्था एक जनवरी से पूरे प्रदेश में लागू कर दी गई है, जिससे राष्ट्रसेवा करने वाले परिवारों को सीधा लाभ मिल सके।

20 प्रतिशत प्राथमिकता का प्रावधान

सरकार ने गन्ना विकास विभाग के माध्यम से 20 प्रतिशत सैनिक कोटा लागू किया है। इसके तहत गन्ना पर्चियों के आवंटन में पात्र किसानों को सामान्य किसानों की तुलना में पहले अवसर दिया जाएगा। यह व्यवस्था गन्ना सट्टा नीति 2025-26 के अंतर्गत लागू की गई है और पेराई सत्र के दौरान लगातार प्रभावी रहेगी।

पूरे प्रदेश में समान रूप से लागू

इस नई व्यवस्था को प्रदेश के सभी जिलों में सहकारी गन्ना विकास समितियों और चीनी मिल क्षेत्रों में एक समान लागू किया गया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी जिले या क्षेत्र में भेदभाव न हो और सभी पात्र लाभार्थियों को बराबरी से लाभ मिले।

भूमि सट्टा न होने पर भी मिलेगा लाभ

गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. के अनुसार, यदि किसी सैनिक या भूतपूर्व सैनिक के नाम सीधे भूमि अभिलेखों में गन्ना सट्टा दर्ज नहीं है, लेकिन उनके माता या पिता के नाम सट्टा मौजूद है, तो वे भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे। इसके लिए सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा।

अगली पीढ़ी को भी मिलेगा फायदा

सरकार ने इस व्यवस्था को केवल वर्तमान सैनिकों तक सीमित नहीं रखा है। यदि पिता सैनिक हैं, तो उनके किसान पुत्र को भी सैनिक कोटे के अंतर्गत प्राथमिकता दी जाएगी। इससे उन परिवारों को राहत मिलेगी जिनकी आजीविका खेती पर निर्भर है और जिनका कोई सदस्य देश की सेवा में लगा हुआ है।

समय पर गन्ना आपूर्ति के लिए नई पहल

गन्ना किसानों और चीनी मिलों के बीच बेहतर तालमेल के लिए विभाग ने रि-कैलेंडरिंग के निर्देश भी जारी किए हैं। इसके तहत बड़े काश्तकारों को नियमित रूप से पर्चियां उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे चीनी मिलों को समय पर गन्ना आपूर्ति हो सके और पेराई सत्र सुचारू रूप से चले।

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