यूपी में बनेगा बाइपास और रिंग रोड, इन जिलों को बड़ी खुशखबरी!

बरेली। उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। बरेली समेत आसपास के जिलों के लिए बाइपास और रिंग रोड निर्माण की योजनाओं ने रफ्तार पकड़ ली है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से जहां यातायात व्यवस्था सुगम होगी, वहीं व्यापार, उद्योग और आम जनता को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

बरेली-मथुरा नेशनल हाईवे पर बनेगा नया बाइपास

बरेली-मथुरा नेशनल हाईवे पर बरेली शहर की सीमा में लगभग चार किलोमीटर लंबे बाइपास का निर्माण कराया जाएगा। इससे शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और बाहरी वाहनों को सीधे निकलने का रास्ता मिलेगा। इसके अलावा देवचरा और भमोरा के बीच पांच किलोमीटर लंबे बाइपास का निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है, जिससे स्थानीय लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।

29 किलोमीटर लंबी रिंग रोड पर तेजी से काम

बरेली में झुमका तिराहे से रजऊ तक प्रस्तावित 29 किलोमीटर लंबी रिंग रोड को लेकर भी तेजी दिखाई दे रही है। इसके लिए कुल 32 गांवों में भूमि अधिग्रहण किया जाना है, जिनमें से 29 गांवों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शेष तीन गांवों में भी 50 प्रतिशत से अधिक भूमि अधिग्रहण हो गया है।

एनएचएआई के परियोजना निदेशक अश्वनी चौहान के अनुसार, कार्यदायी कंपनी ने साइट तैयार कर कई स्थानों पर जमीन का समतलीकरण शुरू कर दिया है। इस महत्वाकांक्षी रिंग रोड परियोजना पर करीब 995 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी रिंग रोड

रिंग रोड पर दो फ्लाईओवर, तीन इंटरचेंज और 10 एप्रोच रोड बनाई जाएंगी। इसके लिए पेड़ों की कटान का काम भी शुरू कर दिया गया है। यह रिंग रोड दिल्ली-लखनऊ, बरेली-नैनीताल, बरेली-पीलीभीत और बरेली-सितारगंज जैसे प्रमुख हाईवे को आपस में जोड़ेगी, जिससे आवागमन और भी आसान हो जाएगा।

चौपुला पुल पर 15 दिन का ब्लॉक

इसी बीच चौपुला पुल की मरम्मत के लिए एनएचएआई ने 15 दिनों का ब्लॉक लेने की तैयारी कर ली है। इस दौरान पुल पर भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा। प्रशासन से डायवर्जन की अनुमति मांगी गई है, जिसके बाद मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा।

बरेली-बदायूं खंड में भी तेजी

बरेली-मथुरा नेशनल हाईवे के चौथे चरण में बरेली से बदायूं के बीच निर्माण कार्य तेज कर दिया गया है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक उत्कर्ष शुक्ला के अनुसार इस हिस्से में पेड़ों की कटान पूरी हो चुकी है और जनवरी के अंत तक बरेली में बाइपास निर्माण शुरू हो जाएगा। छह लेन के इस हाईवे पर शहर की सीमा में महेशपुरा और करगैना के बीच बनने वाले बाइपास का काम भी जल्द शुरू किया जाएगा। लक्ष्य है कि वर्ष 2027 से पहले परियोजना को पूरा कर लिया जाए।

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