मेले का भव्य स्वरूप
इस वर्ष मेला अपना 53वां संस्करण मनाएगा और इसे पहले से भी भव्य और आकर्षक बनाने की तैयारी की गई है। इस दौरान 35 से ज्यादा देशों के लेखक और प्रकाशक हिस्सा लेंगे। मेले में 1000 से अधिक प्रकाशक, 3000 से ज्यादा स्टॉल और 600 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा, 1000 से ज्यादा वक्ता अपने विचार साझा करेंगे। आयोजकों का अनुमान है कि इस बार करीब 20 लाख लोग मेले में भाग लेंगे।
अंतरराष्ट्रीय सहभागिता
इस वर्ष मेला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी खास पहचान बना रहा है। कतर को सम्मानित अतिथि देश और स्पेन को फोकस देश के रूप में आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा रूस, जापान, फ्रांस, पोलैंड, ईरान, हंगरी, चिली और अबू धाबी समेत कई देशों के लेखक और प्रकाशक मेले में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इस मेले का उद्घाटन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान करेंगे, जिसमें कतर और स्पेन के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी शामिल होंगे।
मेले में जाने की जानकारी
सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक।
क्यों खास है यह मेला
नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला केवल किताबों की प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह ज्ञान और संस्कृति का विशाल मंच है। यह छात्र, लेखक, शोधकर्ता और सामान्य पाठक सभी के लिए एक ऐसा अवसर है, जहां वे नई पुस्तकों को पढ़ सकते हैं, लेखकों से मिल सकते हैं और साहित्यिक गतिविधियों का हिस्सा बन सकते हैं। इस मेला में शामिल होकर लोग न केवल नई किताबों के बारे में जान सकते हैं बल्कि वैश्विक साहित्यिक परिदृश्य को भी समझ सकते हैं।

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