FY26: 7.4% रियल जीडीपी ग्रोथ का अनुमान
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत की रियल जीडीपी में 7.4% वृद्धि का अनुमान है। यह पिछले वर्ष की 6.5% वृद्धि दर से अधिक है। वित्त वर्ष 2025-26 में रियल जीडीपी 201.90 लाख करोड़ रुपये और नॉमिनल जीडीपी 357.14 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचने की संभावना है।
FY27: 6.6% ग्रोथ की उम्मीद
Dun & Bradstreet की रिपोर्ट के अनुसार, मजबूत उपभोक्ता मांग और लगातार निवेश के चलते वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की जीडीपी 6.6% तक बढ़ सकती है। रिपोर्ट में डिजिटल अर्थव्यवस्था को मुख्य चालक बताया गया है, जो 2030 तक सकल मूल्य वर्धित (GVA) का लगभग 20% हिस्सा बन सकती है।
वैश्विक एजेंसियों का अनुमान
मूडीज़ ने भारत की जीडीपी वृद्धि दर को 6.4% रहने का अनुमान लगाया है। जबकि वर्ल्ड बैंक के अनुसार, देश की जीडीपी वृद्धि दर 6.5% तक पहुंच सकती है। IMF ने भारत की आर्थिक मजबूती को देखते हुए 6.6% वृद्धि का अनुमान दिया है।
वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी रिपोर्ट में अधिक आशावादी अंदाज़ा देते हुए 7.3% की वृद्धि दर बताई है। जबकि, फिच रेटिंग एजेंसी ने भारत की जीडीपी वृद्धि के लिए 7.4% का अनुमान रखा है, जो देश की स्थिर और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का संकेत है। IMF के अनुसार, 2026 में अमेरिका की जीडीपी ग्रोथ 2.1%, चीन की 4.2% और जर्मनी की केवल 0.9% रहने की संभावना है।
भारत ने टैरिफ को किया चुनौती
ट्रंप की धमकियों और टैरिफ की नीति के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर बनी हुई है। मजबूत उपभोक्ता मांग, सरकारी निवेश और डिजिटल सेक्टर की तेजी ने भारत को वैश्विक स्तर पर भी आर्थिक रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर देश के रूप में पेश किया है।

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