तेल बाजार में उछाल, क्रूड ऑयल 106 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर

नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया और यह 106 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से ऊपर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में संघर्ष लंबा खिंचता है तो वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।

शुरुआती कारोबार में तेज उछाल

सप्ताह की शुरुआत में ही तेल की कीमतों में जोरदार तेजी देखी गई। अमेरिकी बेंचमार्क कच्चा तेल लगभग 17 प्रतिशत से अधिक बढ़कर करीब 106.56 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड भी लगभग 15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 106.92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया।

दिलचस्प बात यह है कि पिछले सप्ताह के अंत में तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई थी। शुक्रवार को अमेरिकी कच्चा तेल लगभग 90.90 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड करीब 92.69 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था। लेकिन क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव ने बाजार की दिशा तेजी से बदल दी।

तेहरान में तेल डिपो पर हमला

तनाव तब और बढ़ गया जब इजरायल ने तेहरान में मौजूद ईरान के ईंधन डिपो और सैन्य ढांचे को निशाना बनाया। इन हमलों में ऊर्जा से जुड़े कुछ अहम ठिकानों को भी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आईं। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में इजरायल और अमेरिका से जुड़े सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित कुछ सैन्य परिसरों पर हमले किए गए।

ऊर्जा आपूर्ति पर संकट की आशंका

मध्य पूर्व दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक क्षेत्रों में से एक है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का सैन्य संघर्ष वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है। निवेशकों और ऊर्जा कंपनियों को आशंका है कि यदि हालात बिगड़ते हैं तो तेल उत्पादन और निर्यात दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

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