सरकार की ओर से यह साफ किया गया है कि 31 दिसंबर 2025 तक या उससे पहले सेवानिवृत्त होने वाले पेंशनभोगी भी इस नए वेतन आयोग के दायरे में आएंगे। ऐसे में लाखों रिटायर्ड कर्मचारियों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
पेंशन में हो सकती है बड़ी बढ़ोतरी
8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद पेंशन में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। फिलहाल न्यूनतम पेंशन लगभग ₹9,000 प्रति माह है, लेकिन नए वेतन ढांचे के लागू होने पर इसमें बड़ा इजाफा संभव माना जा रहा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह बढ़कर करीब ₹20,000 से ₹25,000 से अधिक तक पहुंच सकती है। इससे पेंशनभोगियों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।
फिटमेंट फैक्टर से बढ़ेगी आय
वेतन और पेंशन तय करने में फिटमेंट फैक्टर अहम भूमिका निभाता है। 8वें वेतन आयोग में इस फैक्टर को बढ़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है। यदि नया फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो मूल पेंशन में सीधा इजाफा हो सकता है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इससे पेंशन में 20% से 35% तक की कुल वृद्धि संभव हो सकती है।
एरियर मिलने की भी संभावना
बताया जा रहा है कि वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जा सकती हैं। हालांकि आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने में कुछ समय लग सकता है। यदि लागू होने में देरी होती है तो पेंशनभोगियों को संशोधित पेंशन का बकाया (एरियर) एकमुश्त मिल सकता है। इससे उन्हें एक साथ बड़ी राशि प्राप्त हो सकती है।
महंगाई राहत का मिलेगा फायदा
नया वेतन ढांचा लागू होने के बाद वर्तमान महंगाई राहत (DR) को मूल पेंशन में समायोजित किया जा सकता है। इसके बाद महंगाई राहत की गणना फिर से शून्य से शुरू होगी। इसका फायदा यह होगा कि आगे चलकर मिलने वाली DR बढ़ोतरी बढ़ी हुई मूल पेंशन पर लागू होगी, जिससे कुल आय में और वृद्धि हो सकती है।
पेंशनभोगी दे सकते हैं अपने सुझाव
सरकार ने पेंशनभोगियों और कर्मचारियों को भी इस प्रक्रिया में भाग लेने का मौका दिया है। आधिकारिक पोर्टल (https://8cpc.gov.in/) और MyGov प्लेटफॉर्म पर पेंशनभोगी अपने सुझाव और मांगें 30 अप्रैल 2026 तक भेज सकते हैं।

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