जल्द हो सकता है समझौता
जानकारी के मुताबिक इंडोनेशिया इस मिसाइल प्रणाली की खरीद के लिए वित्तीय व्यवस्था पूरी कर रहा है। इसके लिए एक बैंक के माध्यम से फाइनेंसिंग की प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही इससे जुड़े औपचारिक कागजी कार्य पूरे होंगे, अगले दो से तीन महीनों के भीतर भारत और इंडोनेशिया के बीच कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। पहले चरण में इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल की एक बैटरी खरीदने की योजना बना रहा है। इसके बाद भविष्य में अपनी सुरक्षा जरूरतों के अनुसार इस संख्या को बढ़ाया जा सकता है।
फिलीपींस के बाद दूसरा खरीदार
यदि यह सौदा पूरा हो जाता है तो इंडोनेशिया, फिलीपींस के बाद ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला दूसरा देश बन जाएगा। फिलीपींस ने वर्ष 2022 में भारत से ब्रह्मोस मिसाइल की तीन बैटरियां खरीदने का समझौता किया था। इस सौदे के बाद भारत की रक्षा तकनीक के निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिला था। पिछले वर्ष नवंबर में इंडोनेशिया के रक्षा मंत्री भारत दौरे पर आए थे। इस दौरान उन्होंने ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण केंद्र का भी दौरा किया था। भारत के रक्षा मंत्री ने उन्हें ब्रह्मोस मिसाइल का मॉडल भी भेंट किया था, जिसे दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग का प्रतीक माना गया।
दुनिया की तेज़ सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल
ब्रह्मोस मिसाइल दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिनी जाती है। इसकी निर्यात संस्करण की मारक क्षमता लगभग 290 किलोमीटर तक होती है। यह मिसाइल एंटी-शिप, ग्राउंड अटैक और तटीय सुरक्षा जैसे कई प्रकार के मिशनों को सफलतापूर्वक अंजाम देने में सक्षम है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी गति है। यह मिसाइल ध्वनि की गति से लगभग तीन गुना तेज उड़ान भर सकती है, जिससे दुश्मन के लिए इसे रोकना बेहद कठिन हो जाता है।

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