यूपी सरकार का फैसला, नया बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया हुई सरल

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में अब नया बिजली कनेक्शन लेना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने नई व्यवस्था लागू की है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाना है, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और कनेक्शन जल्दी मिल सके।

300 मीटर तक नहीं बनेगा अलग लाइन एस्टिमेट

नई व्यवस्था के तहत अब निकटतम बिजली पोल से 300 मीटर तक की दूरी पर नया कनेक्शन लेने के लिए अलग से लाइन एस्टिमेट तैयार नहीं किया जाएगा। पहले उपभोक्ताओं को लाइन एस्टिमेट बनवाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था, जिससे कनेक्शन लेने की प्रक्रिया में देरी होती थी। अब इस पूरी प्रक्रिया को सरल बनाते हुए मीटरिंग चार्ज और सप्लाई अफोर्डिंग चार्ज के माध्यम से ही कुल लागत तय कर दी गई है। इससे उपभोक्ताओं को समय और मेहनत दोनों की बचत होगी।

अलग-अलग लोड के हिसाब से शुल्क तय

यूपीपीसीएल के अनुसार सिंगल फेज एलटी कनेक्शन के लिए लोड के आधार पर मीटरिंग चार्ज निर्धारित किए गए हैं। लाइफलाइन श्रेणी के एक किलोवाट कनेक्शन के लिए लगभग 1855 रुपये मीटरिंग चार्ज तय किया गया है। एक से दो किलोवाट के कनेक्शन पर करीब 3655 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। वहीं तीन से चार किलोवाट के कनेक्शन के लिए लगभग 3708 रुपये मीटरिंग चार्ज देना होगा।

दूरी के अनुसार लगेगा सप्लाई चार्ज

सप्लाई अफोर्डिंग चार्ज भी बिजली पोल से दूरी के आधार पर तय किया गया है। 100 मीटर तक की दूरी पर लगभग 1000 से 1500 रुपये तक का शुल्क देना होगा। वहीं 100 मीटर से अधिक और 300 मीटर तक की दूरी पर यह शुल्क करीब 1425 रुपये से लेकर 6500 रुपये तक हो सकता है। नई व्यवस्था के अनुसार 150 किलोवाट तक के कनेक्शन और 300 मीटर की दूरी तक अब अलग से लाइन एस्टिमेट नहीं बनाया जाएगा। हालांकि प्रोसेसिंग फीस और सिक्योरिटी राशि अलग से जमा करनी होगी। यह नियम अविकसित या पूरी तरह से अविद्युतीकृत कॉलोनियों में लागू नहीं होगा।

स्मार्ट मीटर के लिए किस्त की सुविधा

नई व्यवस्था में उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाने के लिए किस्तों में भुगतान की सुविधा भी दी गई है। यदि कोई उपभोक्ता किस्त का विकल्प चुनता है तो एक फेज, दो वायर स्मार्ट मीटर की कुल लागत करीब 2800 रुपये होगी। इसमें से 1000 रुपये अग्रिम जमा करने होंगे, जबकि शेष 1800 रुपये की राशि अगले 24 महीनों तक हर महीने लगभग 84 रुपये की किस्त के रूप में बिजली बिल के साथ ली जाएगी। यदि उपभोक्ता चाहें तो पूरी 2800 रुपये की राशि एकमुश्त भी जमा कर सकते हैं।

उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ

बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और पारदर्शी हो जाएगी। अब उपभोक्ताओं को लाइन एस्टिमेट बनने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और तय शुल्क जमा कर वे जल्दी कनेक्शन प्राप्त कर सकेंगे।

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