क्यों बदला गया बुकिंग का नियम
सरकार के अनुसार यह बदलाव बाजार में गैस की जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग को रोकने के उद्देश्य से किया गया है। कुछ मामलों में देखा गया था कि लोग सामान्य उपयोग से अधिक तेजी से सिलेंडर बुक कर रहे थे, जिससे आपूर्ति व्यवस्था पर असर पड़ सकता था। नए नियम से ऐसे असामान्य पैटर्न पर रोक लगेगी और यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि जरूरतमंद घरेलू उपभोक्ताओं तक गैस की उपलब्धता बनी रहे।
घरेलू ग्राहकों को प्राथमिकता
सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतें सबसे पहले पूरी की जाएंगी। इसके लिए रिफाइनरी कंपनियों को LPG उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि कमर्शियल कनेक्शन की तुलना में घरेलू गैस सप्लाई को प्राथमिकता दी जाए।
नए देशों से LPG सप्लाई की तैयारी
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नए साझेदार तलाश रहा है। खबर है कि Algeria, Australia, Canada और Norway जैसे देशों ने भारत को LPG की आपूर्ति करने में रुचि दिखाई है। इससे भविष्य में गैस की सप्लाई और मजबूत होने की उम्मीद है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर राहत
वाहन चालकों के लिए भी फिलहाल राहत की खबर है। सरकार के मुताबिक जब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 130 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर नहीं जाती, तब तक देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना कम है। फिलहाल कच्चे तेल की कीमतें लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहने का अनुमान है।
सप्लाई व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश के किसी भी हिस्से में पेट्रोल या डीजल की कमी नहीं है। ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तेल की सप्लाई के लिए पारंपरिक मार्गों के अलावा वैकल्पिक रास्तों पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इससे भविष्य में सप्लाई चेन और अधिक सुरक्षित होगी।

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