18 मार्च तक लगेंगे विशेष शिविर
बता दें की इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। निर्देशों के अनुसार प्रदेश के सभी जिला और संभाग मुख्यालयों पर 18 मार्च तक परिवेदना निवारण शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य शिक्षकों की शिकायतों और लंबित मामलों को जल्द से जल्द सुलझाना है।
वेतन से जुड़े मामलों का समाधान
शिविरों में मुख्य रूप से शिक्षकों की क्रमोन्नति, समयमान वेतनमान और वेतन वृद्धि से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही सेवा अभिलेखों की त्रुटियों और पेंशन से संबंधित समस्याओं का भी समाधान किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि लंबे समय से लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि शिक्षकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
सेवानिवृत्ति से पहले वेतन निर्धारण
एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत आने वाले तीन वर्षों में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों के वेतन निर्धारण की प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली जाएगी। इसके लिए कोष एवं लेखा विभाग द्वारा उनके वेतन संबंधी अभिलेखों का परीक्षण कराया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि यदि किसी प्रकार की वसूली योग्य राशि या त्रुटि हो तो उसे सेवानिवृत्ति से पहले ही स्पष्ट कर दिया जाए। इससे सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन संबंधी विवादों से बचा जा सकेगा।
शिक्षकों को मिलेगी बड़ी राहत
सरकार की इस पहल से प्रदेश के हजारों शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से लंबित वेतनमान, क्रमोन्नति और पेंशन से जुड़े मामलों का समाधान होने से शिक्षकों को प्रशासनिक प्रक्रियाओं में होने वाली देरी से मुक्ति मिल सकेगी।

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