देरी होने पर कैसे मिलेगा एरियर
आमतौर पर किसी भी वेतन आयोग की सिफारिशें तैयार होने और लागू होने में करीब डेढ़ से दो साल का समय लग जाता है। लेकिन सरकार इन्हें प्रभावी तिथि से लागू करती है। माना जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग को 1 जनवरी 2026 से प्रभावी किया जा सकता है। यदि इसे 2027 या 2028 में लागू किया जाता है, तो उस समय तक बढ़े हुए वेतन और पुराने वेतन के बीच का अंतर कर्मचारियों को एरियर के रूप में मिल सकता है।
विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक शुरुआती लेवल के कर्मचारियों को कुछ लाख रुपये तक का एरियर मिल सकता है, जबकि उच्च लेवल के कर्मचारियों के लिए यह राशि और अधिक हो सकती है। इसलिए कई कर्मचारियों को उम्मीद है कि देरी की स्थिति में भी उन्हें आर्थिक रूप से बड़ा फायदा मिल सकता है।
सैलरी में हो सकती है बड़ी बढ़ोतरी
8वें वेतन आयोग में सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि इसे 2.86 से लेकर 3.68 तक रखा जाए। अगर 2.86 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
मौजूदा समय में न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपये है। नए फिटमेंट फैक्टर के लागू होने पर यह बढ़कर करीब 50 हजार रुपये से ज्यादा हो सकता है। कुछ कर्मचारी संगठन इसे और बढ़ाकर करीब 54 हजार रुपये करने की मांग भी कर रहे हैं। इस बदलाव से कर्मचारियों की कुल सैलरी और पेंशन में लगभग 30 से 50 प्रतिशत तक वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है।
सुझाव देने के लिए पोर्टल शुरू
8वें वेतन आयोग से जुड़े सुझाव और मांगें जुटाने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया गया है। कर्मचारी और पेंशनर्स इस पोर्टल के माध्यम से अपनी राय और सुझाव जमा कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि मार्च से अप्रैल 2026 के बीच हितधारकों से सुझाव लेने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
हालांकि अभी तक सरकार ने एरियर भुगतान या वेतन बढ़ोतरी को लेकर अंतिम घोषणा नहीं की है। लेकिन पिछले वेतन आयोगों के अनुभव को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि यदि लागू होने में देरी होती है, तो कर्मचारियों को पिछली तारीख से लाभ मिल सकता है।

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