अब उम्मीद जताई जा रही है कि इस हाईवे के चौड़ीकरण का निर्माण कार्य सितंबर से शुरू हो सकता है। इससे उत्तर बिहार के कई जिलों में आवागमन काफी आसान हो जाएगा।
हजारों करोड़ की लागत से बनेगा फोरलेन
इस परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग के करीब 82 किलोमीटर लंबे हिस्से को दो लेन से चार लेन में बदला जाएगा। इस पर लगभग 2831 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। हाईवे के निर्माण में दो मीटर चौड़ा डिवाइडर बनाया जाएगा और सड़क की कुल चौड़ाई लगभग 22 मीटर रखी जाएगी। इससे यातायात पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगा।
एनएचएआई की देखरेख में होगा निर्माण
इस परियोजना को National Highways Authority of India (NHAI) के तहत पूरा किया जाएगा। सड़क निर्माण का काम हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत कराया जाएगा। बताया जा रहा है कि निर्माण एजेंसी के चयन के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा।
ढाई साल में पूरा करने का लक्ष्य
अधिकारियों के अनुसार निर्माण एजेंसी को कार्यादेश मिलने के बाद लगभग 910 दिनों यानी करीब ढाई साल के भीतर इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के लिए जरूरी जमीन अधिग्रहण का काम पहले ही पूरा कर लिया गया है और प्रभावित लोगों को मुआवजा भी दिया जा चुका है।
व्यापार और आवागमन को बढ़ावा
यह परियोजना सरकार की राष्ट्रीय राजमार्ग विकास योजना के तहत सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। फोरलेन सड़क बनने के बाद मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और आसपास के जिलों के लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी।
साथ ही नेपाल सीमा तक सड़क संपर्क मजबूत होने से व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। नई सड़क बनने से लोगों को सुरक्षित, तेज और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा। इसके साथ ही क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और विकास को भी नई गति मिलने की संभावना जताई जा रही है।

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