यूपी में आंधी-तूफान का कहर, 113 लोगों की मौत, सीएम योगी ने दिए सख्त निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बुधवार को आई तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है। प्रदेश के कई जिलों में मौसम के इस कहर ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। राहत विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अब तक 113 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल हैं। तेज हवाओं से मकान, बिजली पोल और पेड़ गिरने के कारण कई बड़े हादसे हुए।

सबसे अधिक मौतें प्रयागराज जिले में हुईं, जहां 21 लोगों ने जान गंवाई। मीरजापुर में 19 और संत रविदास नगर में 16 लोगों की मौत हुई है। फतेहपुर में 11 लोगों की जान गई, जबकि रायबरेली और उन्नाव में छह-छह मौतें दर्ज की गईं। कई जिलों में तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे सड़क यातायात और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।

26 जिलों में भारी तबाही

राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार प्रदेश के 26 जिले आंधी-बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। बीते 24 घंटों में बिजली गिरने, पेड़ गिरने और दीवार ढहने जैसी घटनाओं में 111 लोगों की मौत दर्ज की गई। इसके अलावा रामपुर और मुरादाबाद में टूटे बिजली के तार की चपेट में आने से दो और लोगों की जान चली गई। प्रदेशभर में 72 लोग घायल बताए गए हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। कई इलाकों में बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।

सैकड़ों मकान क्षतिग्रस्त

आंधी-तूफान से प्रदेश में बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान भी हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार 227 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। सोनभद्र जिले में सबसे ज्यादा 75 मकान प्रभावित हुए, जबकि मीरजापुर और बरेली में भी कई घरों को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा 170 पशुओं की मौत की भी जानकारी सामने आई है। कानपुर देहात, संत रविदास नगर और रायबरेली में पशुहानि के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं।

बिजली के तार बने मौत की वजह

गुरुवार सुबह भी हादसों का सिलसिला जारी रहा। रामपुर में एक सरकारी कर्मचारी की टूटे बिजली तार की चपेट में आने से मौत हो गई। वहीं मुरादाबाद में खेत के पास गिरे हाई वोल्टेज तार से करंट लगने पर एक मजदूर की जान चली गई। इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान बिजली के टूटे तारों से दूर रहने की अपील की है।

सीएम योगी ने दिए राहत कार्य तेज करने के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी पीड़ित परिवारों तक तत्काल सहायता पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि मुआवजा वितरण और राहत कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सरकार ने अधिकारियों को सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से राहत कार्यों की जानकारी लगातार साझा करने को भी कहा है, ताकि लोगों को समय पर मदद मिल सके।

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