रिपोर्ट के अनुसार वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट की आशंकाओं के बीच सरकार अब वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर तेजी से काम कर रही है। इसी दिशा में कोयला गैसीकरण योजना को मंजूरी देना सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
1. कोयला गैसीकरण योजना को मिली मंजूरी
केंद्र सरकार ने 37,500 करोड़ रुपये की कोयला गैसीकरण योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत घरेलू कोयले से गैस तैयार की जाएगी, जिससे ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। सरकार का उद्देश्य प्राकृतिक गैस के आयात पर निर्भरता कम करना और देश में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करना है। माना जा रहा है कि इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और विदेशी बाजारों पर निर्भरता घटेगी।
2. विशाल कोयला भंडार का होगा इस्तेमाल
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत के पास लगभग 400 वर्षों तक उपयोग किए जा सकने वाला कोयला भंडार मौजूद है। अब सरकार इस संसाधन का उपयोग गैस उत्पादन के लिए करना चाहती है। इस योजना से न केवल ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, बल्कि रोजगार और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
3. सोने और चांदी पर बढ़ा आयात शुल्क
सरकार ने सोने और चांदी के आयात शुल्क में भी बड़ा बदलाव किया है। अब इन कीमती धातुओं पर 10 प्रतिशत मूल सीमा शुल्क और 5 प्रतिशत कृषि अवसंरचना एवं विकास उपकर लगाया गया है। इस फैसले के बाद प्रभावी आयात शुल्क बढ़कर 15 प्रतिशत हो गया है। सरकार का मानना है कि इससे विदेशी आयात में कमी आएगी और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा।
4. किसानों और इंफ्रास्ट्रक्चर को भी राहत
कैबिनेट ने किसानों के हित में 2026-27 खरीफ सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल खरीद हेतु 2.6 लाख करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा सरकार ने सरखेज-धोलेरा सेमी हाई-स्पीड डबल लेन कॉरिडोर परियोजना के लिए 20,665 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस परियोजना से औद्योगिक विकास, व्यापार और कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा।
ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का बड़ा फोकस
सरकार लगातार इथेनॉल, कोयला गैसीकरण और इलेक्ट्रिक ऊर्जा जैसे विकल्पों पर काम कर रही है ताकि भविष्य में किसी भी वैश्विक संकट का असर देश की ऊर्जा जरूरतों पर कम पड़े। जानकारों का मानना है कि इन फैसलों से भारत आत्मनिर्भर ऊर्जा मॉडल की ओर तेजी से आगे बढ़ सकता है। साथ ही किसानों, उद्योगों और आम लोगों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा।

0 comments:
Post a Comment