मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि देशहित में ईंधन की बचत अब समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है। इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार ने कई व्यवहारिक और बड़े फैसले लिए हैं।
कारकेड में गाड़ियों की संख्या होगी कम
मुख्यमंत्री ने अपने कारकेड में इस्तेमाल होने वाली गाड़ियों की संख्या घटाने का फैसला लिया है। साथ ही मंत्रियों, बोर्ड-निगम के पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से भी अपील की गई है कि वे सार्वजनिक कार्यक्रमों में अतिरिक्त वाहनों के साथ न पहुंचें। सरकार का मानना है कि इससे ईंधन की बचत के साथ-साथ सादगी का संदेश भी जाएगा।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा
राज्य की जनता से मेट्रो, बस, ऑटो और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों का ज्यादा इस्तेमाल करने की अपील की गई है। सरकार चाहती है कि लोग छोटी-छोटी दूरी के लिए निजी वाहनों की बजाय साझा परिवहन अपनाएं, ताकि ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों कम हो सकें।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर जोर
सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि अधिकतर मीटिंग और कॉन्फ्रेंस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित की जाएं। इससे यात्रा की जरूरत कम होगी और समय के साथ सरकारी खर्च में भी कमी आएगी।
पाम ऑयल के सीमित उपयोग
मुख्यमंत्री ने सरकारी कार्यालयों में चलने वाले कैंटीन में पाम ऑयल का कम इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है। इसे स्वास्थ्य और आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
वर्क फ्रॉम होम संस्कृति को बढ़ावा
सरकारी और निजी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम को प्रोत्साहित करने की सलाह दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे रोजाना सड़कों पर वाहनों की संख्या घटेगी और ईंधन की बचत होगी।
सप्ताह में एक दिन 'नो व्हीकल डे' की अपील
मुख्यमंत्री ने लोगों से सप्ताह में कम से कम एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने का आग्रह किया है। यानी उस दिन लोग निजी वाहन का इस्तेमाल न करें और पैदल, साइकिल या पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें।
EV कार में नजर आए बिहार के CM सम्राट चौधरी
प्रधानमंत्री की अपील के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एक बार फिर इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग करते नजर आए। पटना में विभिन्न कार्यक्रमों में वे EV कार से पहुंचे। इसे सरकार की ओर से एक प्रतीकात्मक संदेश माना जा रहा है कि बदलाव की शुरुआत खुद नेतृत्व स्तर से होनी चाहिए।

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