बिहार सरकार के नए आदेश से महिला कर्मियों में नाराजगी, आउटसोर्स कर्मचारियों पर बदले नियम

पटना। बिहार में महिला कर्मचारियों को लेकर राज्य सरकार के नए निर्देश ने बहस छेड़ दी है। खासकर आउटसोर्स व्यवस्था के तहत काम कर रही महिला कर्मियों में इस फैसले को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। महिलाओं का कहना है कि सरकार एक ही दफ्तर में काम करने वाली महिला कर्मचारियों के बीच अलग-अलग नियम लागू कर रही है, जिससे भेदभाव की भावना पैदा हो रही है।

पहले महिलाओं को मिली थी राहत

बिहार सरकार ने 31 जनवरी 2024 को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया था। इस आदेश के तहत सरकारी कार्यालयों में कार्यरत महिलाओं को कार्यावधि में राहत दी गई थी। तय किया गया था कि महिला कर्मचारी सामान्य समय से एक घंटा पहले यानी शाम 5 बजे तक कार्यालय से जा सकेंगी। सरकार का तर्क था कि महिलाओं को घर और नौकरी दोनों जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। ऐसे में उन्हें थोड़ी सुविधा देने से कार्यस्थल पर बेहतर माहौल बनेगा और उनकी सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी। उस समय इस फैसले का व्यापक स्वागत हुआ था।

अप्रैल 2026 के नए निर्देश ने बढ़ाई चिंता

अब 17 अप्रैल 2026 को जारी नए निर्देश ने स्थिति बदल दी है। नए आदेश के अनुसार कुछ महिला कर्मियों को अब शाम 6 बजे तक कार्यालय में रहना होगा। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नियम नियमित महिला कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। यानी स्थायी महिला कर्मचारियों को पहले की तरह शाम 5 बजे तक जाने की सुविधा मिलती रहेगी, जबकि आउटसोर्स या संविदा व्यवस्था के तहत काम करने वाली महिला कर्मियों को शाम 6 बजे तक ड्यूटी करनी पड़ सकती है। यही बात विवाद और नाराजगी की सबसे बड़ी वजह बन गई है।

आउटसोर्स महिला कर्मियों ने उठाए सवाल

कई महिला कर्मियों का कहना है कि जब काम एक जैसा है तो नियम अलग-अलग क्यों बनाए जा रहे हैं। उनका मानना है कि नियमित और आउटसोर्स कर्मचारियों के बीच इस तरह का अंतर महिलाओं के साथ समान व्यवहार की भावना को कमजोर करता है। कुछ कर्मचारियों ने यह भी सवाल उठाया कि देर शाम तक कार्यालय में रुकने से आने-जाने की समस्या बढ़ सकती है। खासकर उन महिलाओं के लिए दिक्कत ज्यादा हो सकती है जो दूर-दराज इलाकों से आती हैं या जिन्हें परिवार और बच्चों की जिम्मेदारी भी संभालनी पड़ती है।

सरकारी विभागों में बना भ्रम का माहौल

नए आदेश के बाद कई विभागों में यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि किन महिला कर्मचारियों पर कौन सा नियम लागू होगा। कुछ कार्यालयों में अधिकारी पुराने आदेश का पालन कर रहे हैं, जबकि कुछ जगहों पर नए निर्देश के अनुसार काम हो रहा है। इस वजह से महिला कर्मियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार को जल्द स्पष्ट और विस्तृत गाइडलाइन जारी करनी चाहिए ताकि भ्रम खत्म हो सके।

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