फिटमेंट फैक्टर तय करेगा सैलरी का गणित
नई सैलरी का पूरा ढांचा फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगा, जो मौजूदा बेसिक पे को गुणा करके नया वेतन तय करता है। 7वें वेतन आयोग में यह फैक्टर 2.57 था। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 8वें वेतन आयोग में यह लगभग 2.15 के आसपास रह सकता है, जबकि कर्मचारी संगठनों की मांग इससे कहीं अधिक है। इसी फैक्टर के आधार पर ग्रुप A, B, C और D कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
ग्रुप D से लेकर ग्रुप A तक कितना बढ़ेगा वेतन?
अनुमानित आंकड़ों के अनुसार यदि फिटमेंट फैक्टर 2.15 माना जाए तो विभिन्न स्तरों पर सैलरी इस प्रकार हो सकती है:
ग्रुप D: मौजूदा ₹18,000 से बढ़कर लगभग ₹38,700 तक
ग्रुप C: ₹29,200 से बढ़कर लगभग ₹62,780 तक
ग्रुप B: ₹56,100 से बढ़कर लगभग ₹1,20,615 तक
ग्रुप A: ₹1,82,200 से बढ़कर लगभग ₹3,91,730 तक
शीर्ष स्तर (लेवल 18): ₹2,50,000 से बढ़कर ₹5,37,500 तक
किस वर्ग को होगा सबसे ज्यादा लाभ?
अंकगणितीय दृष्टि से देखा जाए तो उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों को राशि के हिसाब से सबसे अधिक बढ़ोतरी मिलेगी। उदाहरण के तौर पर लेवल 18 के अधिकारियों की सैलरी में सबसे बड़ा अंतर देखने को मिल सकता है। वहीं ग्रुप D कर्मचारियों की सैलरी में भले ही राशि कम हो, लेकिन उनके लिए यह बढ़ोतरी जीवन स्तर सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
एरियर से मिलेगा एकमुश्त लाभ
चूंकि नया वेतन 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा, इसलिए वास्तविक आदेश आने तक का बकाया एरियर के रूप में कर्मचारियों को एक साथ मिल सकता है। यह राशि लाखों कर्मचारियों के लिए बड़ी आर्थिक राहत साबित हो सकती है।

0 comments:
Post a Comment