रक्षा बजट: अमेरिका का भारी दबदबा
सैन्य खर्च किसी भी देश की ताकत का सबसे बड़ा पैमाना माना जाता है। अमेरिका हर साल रक्षा क्षेत्र पर लगभग 895 से 997 अरब डॉलर खर्च करता है, जबकि चीन का रक्षा बजट करीब 267 से 314 अरब डॉलर के बीच है। यानी अमेरिका सैन्य ताकत पर चीन से लगभग तीन गुना ज्यादा पैसा खर्च करता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इसी बड़े बजट की वजह से अमेरिका के पास दुनिया की सबसे आधुनिक मिसाइलें, फाइटर जेट और युद्ध तकनीक मौजूद हैं।
सैनिकों की संख्या में चीन आगे
अगर सिर्फ सैनिकों की संख्या की बात करें तो चीन अमेरिका से आगे है। चीन के पास लगभग 20 लाख सक्रिय सैनिक हैं। जबकि अमेरिका के पास करीब 13 लाख सैनिक हैं। यानी जमीनी सेना के मामले में चीन का मानवबल ज्यादा बड़ा माना जाता है।
आसमान में किसका राज?
वायुसेना की ताकत में अमेरिका का मुकाबला फिलहाल कोई देश नहीं कर पा रहा। अमेरिका के पास करीब 12,700 से ज्यादा सैन्य विमान हैं। जबकि चीन के पास लगभग 3,400 विमान मौजूद हैं। अमेरिका के F-35 और F-22 जैसे स्टील्थ फाइटर जेट दुनिया के सबसे खतरनाक लड़ाकू विमानों में गिने जाते हैं।
समुद्र में कौन ज्यादा ताकतवर?
अमेरिकी नौसेना के पास 45 लाख टन वजन के11 परमाणु विमान वाहक पोत और 100% परमाणु संचालित पनडुब्बियां हैं, जबकि चीनी नौसेना के पास केवल 24 लाख टन वजन, 3 पारंपरिक विमान वाहक पोत हैं, लेकिन उसके पास कुल जहाजों की संख्या (395+ बनाम 296) अधिक है।
परमाणु हथियारों में अमेरिका की बढ़त
परमाणु ताकत के मामले में भी अमेरिका चीन से काफी आगे है। अमेरिका के पास करीब 5,000 से ज्यादा परमाणु हथियार हैं। जबकि चीन के पास लगभग 600 परमाणु वॉरहेड बताए जाते हैं। यानी बड़े स्तर के विनाश की क्षमता में अमेरिका अभी भी बेहद मजबूत स्थिति में है।
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