सरकार का उद्देश्य राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करना और लोगों को सस्ती व पर्यावरण अनुकूल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है। नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को आर्थिक सहायता के साथ टैक्स में भी राहत दी जाएगी। खास बात यह है कि महिलाओं और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लिए अतिरिक्त लाभ की व्यवस्था की गई है।
महिलाओं को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा
सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर विशेष प्रोत्साहन देने का फैसला किया है। यदि कोई महिला अपने नाम पर इलेक्ट्रिक कार खरीदती है, तो उसे सरकार की ओर से 1 लाख रुपये तक का सीधा अनुदान मिलेगा। इससे महिलाओं में इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति रुचि बढ़ने की उम्मीद है।
दोपहिया और तिपहिया वाहनों पर भी
नई EV नीति में सिर्फ कार ही नहीं, बल्कि दोपहिया और मालवाहक तिपहिया वाहनों को भी शामिल किया गया है। सामान्य वर्ग के लोगों को इलेक्ट्रिक दोपहिया खरीदने पर 10 हजार रुपये की सहायता मिलेगी, जबकि SC/ST वर्ग को 12 हजार रुपये का लाभ दिया जाएगा।
वहीं सामान ढोने वाले इलेक्ट्रिक ऑटो और तिपहिया वाहनों पर भी सरकार सब्सिडी देगी। सामान्य वर्ग को 50 हजार रुपये और SC/ST वर्ग को 60 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद मिलेगी। इससे छोटे व्यापारियों और स्वरोजगार करने वाले युवाओं को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।
रोड टैक्स में 50 प्रतिशत तक छूट
बिहार सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए मोटर वाहन कर में भी बड़ी राहत दी है। राज्य में रजिस्टर्ड सभी इलेक्ट्रिक वाहनों को रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। इससे वाहन खरीदने की कुल लागत कम होगी और अधिक लोग EV की ओर आकर्षित होंगे।

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