1 .LPG से भरे जहाज सुरक्षित पहुंचे आगे
पेट्रोलियम और शिपिंग मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार पहला जहाज 'सहमी' एलपीजी लेकर भारत की तरफ बढ़ रहा है। इस टैंकर में करीब 19 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा एलपीजी मौजूद है। जहाज ने 13 मई को होर्मुज जलडमरूमध्य पार किया था और इसके जल्द गुजरात के कांडला बंदरगाह पहुंचने की संभावना जताई गई है। दूसरा जहाज 'एनवी सनशाइन' इससे भी ज्यादा क्षमता वाला बताया जा रहा है। इस टैंकर में 46 हजार मीट्रिक टन से अधिक एलपीजी लोड है। यह जहाज भी सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर चुका है और कर्नाटक के न्यू मंगलौर बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है।
2 .सरकार ने कहा- पर्याप्त भंडार मौजूद
केंद्र सरकार ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बावजूद भारत ने ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के लिए पहले से कई कदम उठाए हैं। सरकार का कहना है कि रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और घरेलू एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है। इसके अलावा देशभर में किसी भी गैस एजेंसी पर एलपीजी की कमी की सूचना नहीं मिली है।
होर्मुज स्ट्रेट क्यों है अहम?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में गिना जाता है। खाड़ी देशों से निकलने वाला बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है। ऐसे में इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने पर तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा बना रहता है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए पश्चिम एशिया की स्थिति का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ सकता है। हालांकि सरकार ने फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में बताया है।
आम लोगों को राहत
एलपीजी टैंकरों के सुरक्षित भारत पहुंचने की खबर से घरेलू गैस उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही थी। जानकारों का मानना है कि यदि हालात ज्यादा नहीं बिगड़ते तो भारत में एलपीजी और ईंधन आपूर्ति सामान्य बनी रह सकती है। फिलहाल सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
0 comments:
Post a Comment