शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी मंडलीय और जिला स्तरीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं, ताकि स्कूलों में पठन संस्कृति को मजबूती से लागू किया जा सके। शिक्षा विभाग का मानना है कि यह पहल केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य बच्चों के व्यक्तित्व विकास को भी मजबूत करना है। इससे विद्यार्थियों में सोचने-समझने की क्षमता, आत्मविश्वास और ज्ञान का स्तर बढ़ेगा।
पठन संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर
प्रदेश के शिक्षा विभाग का कहना है कि अब स्कूलों में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि नियमित रूप से पढ़ने की आदत विकसित करना भी उतना ही जरूरी है। इसी कारण दैनिक समाचार पत्र पढ़ने और पुस्तकालय गतिविधियों को अनिवार्य रूप से बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि हर स्कूल में तय समय पर पठन गतिविधियां नियमित रूप से आयोजित हों।
सभी स्कूलों में रीडिंग आवर्स अभियान
नई व्यवस्था के तहत सभी स्कूलों में रीडिंग आवर्स को शैक्षिक कैलेंडर का अहम हिस्सा बनाया गया है। इसके अलावा हर सप्ताह एक पीरियड ऐसा होगा जिसमें विद्यार्थी और शिक्षक सभी कार्य छोड़कर केवल किताबें पढ़ेंगे। इस विशेष सत्र का उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की रुचि बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर अध्ययन की आदत विकसित करना है।
अखबार और समाचार चर्चा होगी अनिवार्य
स्कूलों में अब अखबारों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। प्रार्थना सभा के दौरान प्रमुख समाचारों और संपादकीय लेखों पर चर्चा कराई जाएगी। इससे विद्यार्थियों में भाषा कौशल, शब्द ज्ञान, तर्क शक्ति और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी यह कदम उपयोगी माना जा रहा है।
पुस्तकालयों को बनाया जाएगा सक्रिय केंद्र
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों सहित सभी स्कूल पुस्तकालयों को इस अभियान से जोड़ा जा रहा है। पुस्तकालयों में पर्याप्त किताबें उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि छात्रों को पढ़ने के लिए बेहतर संसाधन मिल सकें। इसके साथ ही पुरस्कार और सम्मान में किताबें देने पर जोर दिया जाएगा, जिससे पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा मिले।
रीडिंग क्लब और प्रतियोगिताएं भी होंगी आयोजित
हर स्कूल में रीडिंग क्लब बनाए जाएंगे और हर महीने पठन एवं लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता और अभिव्यक्ति कौशल में सुधार होगा। प्राथमिक स्तर पर 20 से अधिक और माध्यमिक स्तर पर 30 से अधिक किताबें पढ़ने वाले छात्रों को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
स्कूलों को सुपर रीडर और चैंपियन रीडर का सम्मान
सरकार ने छात्रों को पढ़ने के लिए प्रेरित करने के लिए विशेष सम्मान योजनाएं भी बनाई हैं। अधिक पुस्तकें पढ़ने वाले छात्रों को सुपर-20 और सुपर-30 रीडर का दर्जा दिया जाएगा। सत्र के अंत में सबसे अधिक पुस्तकें पढ़ने वाले छात्र को 'चैंपियन रीडर ऑफ द ईयर' का खिताब दिया जाएगा।

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