आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे:
इस परियोजना का उद्देश्य आगरा एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ना है, जिससे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन तेज और सुगम हो सके। कुल भूमि अधिग्रहण की तुलना में अब तक केवल लगभग 0.95 प्रतिशत भूमि ही अधिग्रहित हो पाई है, जिससे परियोजना की प्रगति काफी धीमी है।
झांसी लिंक एक्सप्रेसवे:
यह एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड क्षेत्र को मुख्य एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने के लिए प्रस्तावित है। इसकी लंबाई लगभग 115 किलोमीटर होगी और यह झांसी जिले के कई क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। फिलहाल इस परियोजना में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शून्य स्तर पर है।
जेवर लिंक एक्सप्रेसवे:
यह एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए बनाया जा रहा है, जिसकी लंबाई करीब 80 किलोमीटर होगी। वर्तमान में इस परियोजना के लिए लगभग 25 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है, जिससे काम में आंशिक प्रगति दर्ज की गई है।
फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे:
यह 92 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे इटावा (कुदरैल) में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से जुड़ने के लिए प्रस्तावित है। इस परियोजना में भी करीब 25 प्रतिशत भूमि अधिग्रहित हो चुकी है, जिससे इसके निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने की संभावना बनी हुई है।

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