सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से राज्य में औद्योगिक गतिविधियां तेज होंगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। खासकर उत्तर बिहार और सीमांचल क्षेत्र को इससे बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मुजफ्फरपुर में होगा बड़ा निवेश
मुजफ्फरपुर के महवल औद्योगिक क्षेत्र में अंबुजा कॉन्क्रीट नॉर्थ प्राइवेट लिमिटेड को बड़ी सीमेंट इकाई लगाने की मंजूरी दी गई है। इस परियोजना में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा। बताया जा रहा है कि यह इकाई आधुनिक तकनीक से लैस होगी और इसकी उत्पादन क्षमता भी काफी बड़ी होगी। इसके अलावा डालमिया भारत ग्रीन विजन लिमिटेड को भी नई सीमेंट इकाई स्थापित करने की स्वीकृति दी गई है। इन उद्योगों के शुरू होने से इलाके में परिवहन, व्यापार और छोटे उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।
किशनगंज को भी मिलेगा फायदा
सीमांचल क्षेत्र के किशनगंज जिले में भी डालमिया सीमेंट की नई यूनिट लगाने की मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे इलाके में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन कम करना पड़ेगा। लंबे समय से सीमांचल क्षेत्र में बड़े उद्योगों की कमी महसूस की जा रही थी। ऐसे में इस निवेश को क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हजारों लोगों को मिल सकता है रोजगार
औद्योगिक परियोजनाओं के शुरू होने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। फैक्ट्री निर्माण से लेकर परिवहन, सप्लाई और अन्य सेवाओं में स्थानीय लोगों को काम मिलने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में बिहार को उद्योगों के लिए बेहतर गंतव्य बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
बिहार में कई अन्य परियोजनाओं को भी मंजूरी
राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड की बैठक में सिर्फ सीमेंट उद्योग ही नहीं, बल्कि कई अन्य क्षेत्रों से जुड़ी परियोजनाओं को भी स्वीकृति मिली है। एल्यूमिनियम, इलेक्ट्रॉनिक्स, एग्रो फूड और निर्माण क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को भी निवेश की मंजूरी दी गई है। सरकार ने निवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और आसान बनाने की बात कही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा कंपनियां बिहार में निवेश के लिए आगे आएं।
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