जिला स्तर पर होगी निगरानी
श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग जल्द ही सभी जिलों को इस संबंध में निर्देश जारी करेगा। नई व्यवस्था के तहत जिला स्तर पर विशेष मॉनिटरिंग सेल बनाए जाएंगे, जो विभिन्न संस्थानों और कार्यस्थलों पर जाकर श्रम कानूनों के पालन की स्थिति की जांच करेंगे। सरकार का कहना है कि सिर्फ नियम बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह देखना भी जरूरी है कि कर्मचारियों को वास्तव में उनका लाभ मिल रहा है या नहीं।
कार्यस्थलों पर लिया जाएगा फीडबैक
नई व्यवस्था के तहत अधिकारी सीधे कार्यस्थलों पर पहुंचकर श्रमिकों से बातचीत करेंगे और उनसे फीडबैक लेंगे। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि कर्मचारियों को तय न्यूनतम मजदूरी मिल रही है या नहीं और कार्यस्थल पर सुरक्षा तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं। अगर कोई कंपनी, संस्था या नियोक्ता श्रम कानूनों का पालन नहीं करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
न्यूनतम मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा पर जोर
विभाग के अनुसार नई श्रम संहिताओं के लागू होने के बाद श्रमिकों को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलने शुरू हुए हैं। वेतन संहिता के तहत सभी कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित की गई है ताकि किसी भी श्रमिक को तय मानक से कम भुगतान न मिले। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा संहिता के जरिए असंगठित क्षेत्र और गिग वर्कर्स को भी पेंशन, बीमा और मातृत्व लाभ जैसी सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
महिलाओं और गिग वर्कर्स को भी मिलेगा फायदा
नई श्रम संहिताओं में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। रात की शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्य व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है। वहीं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और गिग इकॉनमी से जुड़े कामगारों को भी पहली बार श्रम कानूनों के दायरे में लाने की कोशिश की गई है ताकि उन्हें भी सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सके।
श्रमिकों के काम के घंटे और वेतन व्यवस्था में बदलाव
सरकार ने श्रमिकों के काम के घंटे को लेकर भी स्पष्ट नियम बनाए हैं। नई व्यवस्था के अनुसार सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे काम की सीमा तय की गई है। इसके साथ ही यह भी अनिवार्य किया गया है कि कर्मचारी के वेतन का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा मूल वेतन के रूप में हो। इससे भविष्य निधि (PF) और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी और कर्मचारियों को भविष्य में ज्यादा लाभ मिलेगा।

0 comments:
Post a Comment