किसानों को मिली तीन बड़ी राहत
प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों के लिए कई अहम फैसले लिए हैं, जिनका सीधा फायदा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिला। सरकार के मुताबिक किसानों की 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कर्जमाफी की गई, गन्ने के दाम में लगातार बढ़ोतरी हुई और भुगतान व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया।
सरकार की 'स्मार्ट गन्ना किसान' योजना के तहत गन्ने की पर्ची, सट्टा और कैलेंडरिंग जैसी प्रक्रियाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं। अब किसानों को मोबाइल पर ही गन्ना पर्ची मिल जाती है और भुगतान डीबीटी के जरिए सीधे खाते में पहुंचता है।
गन्ने के दाम में बढ़ोतरी से फायदा
पेराई सत्र 2025-26 के लिए सरकार ने गन्ने के समर्थन मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की। इसके बाद अगेती प्रजाति का मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य प्रजाति का मूल्य 390 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया। सरकार का दावा है कि इस फैसले से किसानों को करीब 3 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिला।
उत्पादन और क्षेत्रफल दोनों में बढ़ोतरी
उत्तर प्रदेश में गन्ने की खेती का रकबा भी लगातार बढ़ा है। वर्ष 2025-26 में करीब 29.51 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती की गई। प्रदेश में इस समय लगभग 121 चीनी मिलें संचालित हैं, जो लाखों लोगों को रोजगार देने में भी मदद कर रही हैं।
एथनॉल उत्पादन में भी उत्तर प्रदेश आगे
चीनी उत्पादन के साथ-साथ उत्तर प्रदेश एथनॉल उत्पादन में भी तेजी से आगे बढ़ा है। सरकार के अनुसार राज्य में एथनॉल उत्पादन 188 करोड़ लीटर तक पहुंच चुका है। इससे चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और किसानों को समय पर भुगतान करने में भी आसानी हुई है।

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