बैठक में कुल 18 प्रस्तावों को स्वीकृति मिली, जिनमें से कई फैसले सीधे तौर पर लाखों लोगों को प्रभावित करेंगे। कैबिनेट के इन फैसलों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि सरकार अब रोजगार, डिजिटल तकनीक, हरित परिवहन और आर्थिक विकास को प्राथमिकता दे रही है।
1. कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ा तोहफा
राज्य सरकार ने महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। सातवें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों और पेंशनर्स को अब 58 प्रतिशत की जगह 60 प्रतिशत डीए मिलेगा। इसके अलावा षष्ठम और पंचम वेतनमान पाने वालों के लिए भी महंगाई भत्ते में वृद्धि की गई है। नई दरें 1 जनवरी 2026 से लागू होंगी।
2. 72 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा ऋण उगाही को मंजूरी
सरकार ने विकास योजनाओं और आधारभूत संरचना परियोजनाओं के लिए 72 हजार करोड़ रुपये से अधिक की ऋण उगाही को मंजूरी दी है। इसमें बड़ी राशि बाजार ऋण के रूप में जुटाई जाएगी। सरकार का कहना है कि इस धन का उपयोग सड़क, बिजली, शिक्षा और अन्य विकास कार्यों में किया जाएगा।
3. इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा बढ़ावा
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य प्रदूषण कम करना और राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। सरकार चाहती है कि वर्ष 2030 तक नए वाहनों की बिक्री में ईवी की हिस्सेदारी कम से कम 30 प्रतिशत तक पहुंचे।
4. महिलाओं को मिलेगा विशेष लाभ
नई ईवी नीति के तहत महिलाओं को इलेक्ट्रिक दोपहिया और चारपहिया वाहन खरीदने पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
5. रोजगार सृजन पर जोर
इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहनों को बढ़ावा देकर सरकार रोजगार के नए अवसर पैदा करना चाहती है। ग्रामीण क्षेत्रों में ईवी आधारित परिवहन सेवाएं शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी।
6. चार्जिंग स्टेशन पर मिलेगी ज्यादा सहायता
राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाने के लिए चार्जिंग स्टेशन नेटवर्क मजबूत करने की योजना बनाई गई है। सरकार ने अधिक संख्या में चार्जर लगाने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने का फैसला किया है।
7. बिहार में AI मिशन को मिलेगी रफ्तार
सरकार ने बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए 'बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन' के तहत अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के सहयोग से नई पहल शुरू की जाएगी।
8. युवाओं को मिलेगा AI प्रशिक्षण
अगले पांच वर्षों में सात हजार छात्रों को उन्नत एआई प्रशिक्षण देने की योजना बनाई गई है। इसमें विज्ञान, इंजीनियरिंग और तकनीकी विषयों के छात्र शामिल होंगे। सरकार का उद्देश्य युवाओं को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करना है।
9. स्टार्टअप्स को मिलेगा तकनीकी मंच
'आर्यभट्ट टेक्नोलॉजी ऑब्जर्वेटरी' नाम से नया डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया जाएगा। इससे स्टार्टअप, शोधकर्ता और उद्यमियों को एआई और मशीन लर्निंग से जुड़ी आधुनिक तकनीकी सुविधाएं मिलेंगी।
10. वैश्विक स्तर पर बढ़ेगी बिहार की पहचान
सरकार बिहार को अंतरराष्ट्रीय तकनीकी और निवेश मंचों तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है। विभिन्न वैश्विक कार्यक्रमों में बिहार की तकनीकी और आर्थिक संभावनाओं को प्रस्तुत किया जाएगा ताकि निवेश और नवाचार को बढ़ावा मिल सके।
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