बिहार में प्राइवेट स्कूलों के लिए बड़ी खबर, 3 नई शर्तें होंगे लागू

पटना। बिहार सरकार ने निजी स्कूलों के संचालन को लेकर बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा विभाग ने 1990 से लागू अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के नियमों में 36 साल बाद बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। अब इसमें तीन नई शर्तें जोड़ी जा रही हैं, जिनका सीधा असर राज्य के हजारों निजी विद्यालयों पर पड़ेगा।

शिक्षा मंत्री ने कहा है कि यह पूरा फैसला छात्रों के हित को ध्यान में रखकर लिया जा रहा है। उनका कहना है कि शिक्षा किसी भी तरह के व्यावसायिक दबाव से मुक्त होनी चाहिए और हर बच्चे को समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई स्कूल इन नियमों का पालन नहीं करेगा, तो उसका एनओसी रद्द भी किया जा सकता है।

36 साल पुराने नियम में पहली बार बड़ा बदलाव

अब तक निजी स्कूलों को एनओसी देने के लिए मुख्य रूप से जमीन और भवन की उपलब्धता ही देखी जाती थी। कई मामलों में शिक्षक संख्या और शैक्षिक गुणवत्ता पर भी सीमित ध्यान दिया जाता था। लेकिन अब सरकार इस प्रक्रिया को अधिक सख्त और व्यवस्थित बनाने जा रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद एनओसी प्राप्त करना पहले से अधिक शर्तों पर आधारित होगा।

एनओसी में जुड़ने जा रही 3 नई शर्तें

शिक्षा विभाग द्वारा प्रस्तावित नए नियमों के अनुसार निजी स्कूलों को अब निम्नलिखित शर्तों का पालन करना होगा

1. किताब और ड्रेस की अनिवार्यता पर रोक

अब कोई भी स्कूल यह तय नहीं कर सकेगा कि छात्र कहां से किताब, कॉपी या यूनिफॉर्म खरीदेगा। अभिभावकों को अपनी सुविधा के अनुसार बाजार से सामग्री खरीदने की स्वतंत्रता होगी। इससे मनमानी बिक्री और कमीशन आधारित सिस्टम पर रोक लगने की उम्मीद है।

2. फीस बकाया होने पर परीक्षा से नहीं रोक सकेंगे

अगर किसी छात्र की फीस बकाया है, तो भी स्कूल उसे परीक्षा में बैठने से नहीं रोक सकेगा और न ही उसके परिणाम को प्रभावित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि शिक्षा का अधिकार किसी भी वित्तीय कारण से बाधित नहीं होना चाहिए।

3. सरकारी स्कूलों के विकास में सहयोग

निजी स्कूलों को अपने 5 किलोमीटर के दायरे में स्थित सरकारी स्कूलों की आधारभूत संरचना के सुधार में भी सहयोग करना होगा। इसका उद्देश्य सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और संसाधनों का संतुलित विकास सुनिश्चित करना है।

क्यों जरूरी पड़ा यह बदलाव?

शिक्षा विभाग के अनुसार, लंबे समय से यह शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ निजी स्कूल किताबों और यूनिफॉर्म के लिए विशेष दुकानों को अनिवार्य करते हैं। इसके अलावा फीस विवाद के कारण छात्रों को परीक्षा से रोकने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। सरकार के पास इन मामलों पर सख्त कार्रवाई के लिए स्पष्ट कानूनी प्रावधान नहीं थे, इसलिए अब एनओसी नियमों में बदलाव कर इसे लागू करने की तैयारी की जा रही है।

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