इस कदम को पुलिसकर्मियों के परिवारों के लिए एक बड़ी राहत और सुरक्षा कवच के रूप में देखा जा रहा है। विभाग का कहना है कि यह योजना उन परिवारों को आर्थिक संबल देने के लिए बनाई गई है, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान अपने परिजनों को खो दिया।
दो परिवारों को दो-दो करोड़ रुपये
जारी सूची के अनुसार, नवादा में तैनात रहे सहायक अवर निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह और मधेपुरा के पुलिस अवर निरीक्षक संजय कुमार शुक्ला के आश्रितों को सबसे अधिक दो-दो करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी। इसके अलावा कई अन्य पुलिसकर्मियों के परिवारों को 1.70 करोड़ से लेकर 1.80 करोड़ रुपये तक की बीमा सहायता प्रदान की जाएगी।
कई जिलों के परिवारों को मिलेगा लाभ
राज्य के विभिन्न जिलों जैसे पटना, भागलपुर, बेतिया, बोधगया, मधेपुरा, आरा, सीतामढ़ी, नालंदा और पूर्णिया में तैनात रहे पुलिसकर्मियों के आश्रितों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। इनमें सिपाही, हवलदार, सहायक अवर निरीक्षक और पुलिस अवर निरीक्षक स्तर के कर्मियों के परिवार शामिल हैं। नालंदा के एक हवलदार के आश्रित को लगभग 1.80 करोड़ रुपये की राशि दी जाएगी।
ड्यूटी के दौरान विकलांग हुए को भी मदद
रोहतास में तैनात पुलिस अवर निरीक्षक मनोज कुमार सिंह, जो ड्यूटी के दौरान विकलांग हो गए थे, उन्हें भी 75 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह सहायता विभाग की कल्याणकारी नीति का हिस्सा है।
छोटे स्तर पर भी दी जाएगी सहायता राशि
इसके अलावा करीब 35 से अधिक परिवारों को 20-20 लाख रुपये की बीमा राशि प्रदान की जाएगी। यह सहायता उन पुलिसकर्मियों के परिवारों को दी जाएगी जो ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवा चुके हैं।
पुलिस विभाग की पहल, परिवारों को लाभ
पुलिस मुख्यालय का कहना है कि यह योजना पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है। कठिन और जोखिम भरी परिस्थितियों में काम करने वाले जवानों के परिवारों को आर्थिक स्थिरता देना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।
.png)
0 comments:
Post a Comment