ऑनलाइन पोर्टल शुरू
नई व्यवस्था के तहत जमीन खरीदने या बेचने वाले व्यक्ति को संबंधित जमीन के दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। इसके बाद संबंधित अंचलाधिकारी ऑनलाइन माध्यम से कागजात की जांच करेंगे। जांच पूरी होने के बाद जमीन की स्थिति, प्रकृति और वैधता की जानकारी ई-मेल के जरिए उपलब्ध कराई जाएगी। इस प्रक्रिया का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जमीन के असली रिकॉर्ड की पुष्टि पहले ही हो जाएगी। इससे नकली दस्तावेजों के आधार पर होने वाली फर्जी रजिस्ट्री पर रोक लगेगी और विवादित जमीन की खरीद-बिक्री से लोग बच सकेंगे।
भू माफियाओं पर लगेगी रोक
सरकार की इस पहल को भू माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। कई मामलों में देखा गया है कि फर्जी कागजात तैयार कर जमीन की अवैध बिक्री कर दी जाती थी। अब ऑनलाइन जांच और प्रशासनिक सत्यापन के कारण ऐसे मामलों में कमी आने की उम्मीद है। हालांकि सरकार ने यह सुविधा वैकल्पिक रखी है। यानी इच्छुक लोग जांच करवाकर सुरक्षित रजिस्ट्री करा सकते हैं, जबकि बिना जांच के भी रजिस्ट्री की प्रक्रिया जारी रहेगी।
घर बैठे होगी जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री
राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को भी बड़ी राहत दी है। अब 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को जमीन और फ्लैट की रजिस्ट्री के लिए कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। 21 मई से शुरू हो रही नई सुविधा के तहत निबंधन विभाग की टीम सीधे उनके घर पहुंचकर पूरी रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी करेगी। टीम आवश्यक दस्तावेज और उपकरण लेकर जाएगी तथा मौके पर ही सभी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। खास बात यह है कि यह सुविधा पूरी तरह निशुल्क होगी। इससे बुजुर्गों को लंबी लाइन और कार्यालय के चक्कर से राहत मिलेगी।
बिहार में अब पेपरलेस होगी रजिस्ट्री प्रक्रिया
बिहार सरकार निबंधन विभाग को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में भी तेजी से काम कर रही है। ई-निबंधन के बाद अब दस्तावेजों की मैन्युअल प्रक्रिया को कम किया जा रहा है। आने वाले समय में आवेदन, दस्तावेज अपलोड और ई-स्टांपिंग जैसी सुविधाएं पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध होंगी। इससे रजिस्ट्री प्रक्रिया तेज, सुरक्षित और पारदर्शी बनेगी। साथ ही बिचौलियों की भूमिका भी कम होगी और लोगों का समय व खर्च दोनों बचेंगे।

0 comments:
Post a Comment