कितना तय हुआ नया गन्ना मूल्य
सरकार द्वारा तय किया गया 365 रुपये प्रति क्विंटल का मूल्य 10.25 प्रतिशत चीनी रिकवरी दर के आधार पर लागू होगा। यदि रिकवरी दर इससे अधिक होती है तो किसानों को अतिरिक्त प्रीमियम भी दिया जाएगा। वहीं रिकवरी दर कम होने पर भुगतान में कुछ कमी का प्रावधान रखा गया है। हालांकि सरकार ने साफ किया है कि जिन चीनी मिलों की रिकवरी दर 9.5 प्रतिशत से कम होगी, वहां किसानों के भुगतान में कोई कटौती नहीं की जाएगी। ऐसे किसानों को भी 338.30 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
किसानों को दोगुना से ज्यादा लाभ
सरकारी आंकड़ों के अनुसार गन्ना उत्पादन की लागत करीब 182 रुपये प्रति क्विंटल आंकी गई है, जबकि नया FRP 365 रुपये तय किया गया है। यानी किसानों को उत्पादन लागत से 100 प्रतिशत से अधिक लाभ मिलने की संभावना है। सरकार का मानना है कि इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और खेती के प्रति उनका भरोसा बढ़ेगा।
करोड़ों लोगों को मिलेगा फायदा
गन्ना उद्योग देश का एक बड़ा कृषि आधारित क्षेत्र माना जाता है। इससे करीब 5 करोड़ गन्ना किसान और उनके परिवार जुड़े हुए हैं। इसके अलावा चीनी मिलों और परिवहन जैसे क्षेत्रों में लाखों लोगों को रोजगार मिलता है। सरकार का कहना है कि नया मूल्य तय होने से किसानों के साथ-साथ पूरे चीनी उद्योग को भी मजबूती मिलेगी।
भुगतान व्यवस्था पर भी सरकार का फोकस
सरकार ने बताया कि पिछले सीजन में गन्ना किसानों के बकाया भुगतान का बड़ा हिस्सा जारी किया जा चुका है। अधिकांश किसानों को उनका भुगतान समय पर देने का प्रयास किया जा रहा है। मौजूदा सीजन में भी बड़ी मात्रा में गन्ना भुगतान किसानों के खातों में भेजा जा चुका है। सरकार का दावा है कि किसानों के हितों की रक्षा और समय पर भुगतान उसकी प्राथमिकता में शामिल है।

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