सातवें वेतनमान की मांग तेज
सहकारी ग्राम विकास बैंक के कर्मचारी काफी समय से सातवां वेतनमान लागू करने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें राज्य कर्मचारियों की तरह वेतन और सुविधाएं मिलनी चाहिए। इसके अलावा कर्मचारियों ने एसीपी सुविधा लागू करने, 20 लाख रुपये तक ग्रेच्युटी देने और पिछले कई वर्षों का कस्टमरी बोनस जारी करने की भी मांग उठाई है।
बैंक की आर्थिक स्थिति का आकलन
इन सभी मांगों को लागू करने से पहले बैंक की वित्तीय स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके लिए मुख्य महाप्रबंधक रत्नाकर सिंह की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति बनाई गई है। समिति यह जांच करेगी कि कर्मचारियों की मांगों को लागू करने से बैंक पर कितना वित्तीय भार पड़ेगा और इसे किस प्रकार पूरा किया जा सकता है। समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
आंदोलन 15 दिनों के लिए स्थगित
समिति गठन के बाद कर्मचारियों की संघर्ष समिति ने अपना आंदोलन फिलहाल 15 दिनों के लिए स्थगित कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि वे समिति की रिपोर्ट और प्रबंधन के अगले फैसले का इंतजार करेंगे। सोमवार को बैंक मुख्यालय में बैंक प्रबंधन और कर्मचारी प्रतिनिधियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में संघर्ष समिति के कई पदाधिकारी शामिल रहे और कर्मचारियों की 15 प्रमुख मांगों पर बातचीत की गई।
कर्मचारियों को फैसले का इंतजार
अब कर्मचारियों की नजर समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई है। यदि समिति सकारात्मक सिफारिश देती है तो हजारों कर्मचारियों को वेतन वृद्धि, बेहतर सेवा लाभ और आर्थिक राहत मिल सकती है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान से उनकी कार्यक्षमता और मनोबल दोनों में सुधार होगा।

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